उत्तरकाशी।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आगामी 9 मई 2026 (द्वितीय शनिवार) को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
सचिव/सिविल जज (एस.डी) जिला विधिक सेवा प्रधिकरण सचिन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत का आयोजन प्रातः 10 बजे से जनपद मुख्यालय में स्थित न्यायालयों सहित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय पुरोला एवं बड़कोट में आयोजित होगी।
लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के विभिन्न वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से समझौतायोग्य आपराधिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले, वैवाहिक वाद, श्रम विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण से जुड़े मामले, विद्युत एवं जल बिल विवाद (असमझौतायोग्य मामलों को छोड़कर), अन्य दीवानी वाद, सेवा संबंधी मामले, राजस्व वाद तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन स्तर पर चेक बाउंस, बैंक वसूली, श्रम एवं वेतन विवाद, बिजली-पानी के बिल से संबंधित मामले तथा भरण-पोषण जैसे प्रकरण भी लोक अदालत में सुलझाए जा सकेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपने मामलों का त्वरित एवं सुलहपूर्ण निस्तारण कराना चाहते हैं, वे 8 मई 2026 तक संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि 9 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उनके मामलों का समाधान किया जा सके।
इन मामलों का होगा निस्तारण
लोक अदालत में विशेष रूप से—
समझौतायोग्य आपराधिक वाद
धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस) से संबंधित प्रकरण
वैवाहिक वाद एवं भरण-पोषण मामले
श्रम एवं वेतन विवाद
मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद
बैंक ऋण एवं वसूली से जुड़े मामले
विद्युत एवं जल बिल विवाद (असमझौतायोग्य मामलों को छोड़कर)
अन्य दीवानी, सेवा, राजस्व एवं भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रकरण
इसके अतिरिक्त, प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद एवं बिजली-पानी बिल से जुड़े मामलों का समाधान लोक अदालत में किया जा सकेगा।
8 मई तक करें आवेदन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि जो भी व्यक्ति अपने मामलों का त्वरित, सरल एवं सुलहपूर्ण समाधान चाहते हैं, वे 8 मई 2026 तक संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि 9 मई को आयोजित लोक अदालत में उनके मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
विशेष: लोक अदालत में निस्तारित मामलों में अपील का प्रावधान नहीं होता और दोनों पक्षों की सहमति से निर्णय होने के कारण समय व धन की बचत होती है।

