उत्तरकाशी। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, जनपद उत्तरकाशी के बैनर तले शनिवार को यमुना घाटी के समस्त आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर ओपीडी एवं सामान्य कार्यों का बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने सरकार और विभाग से जल्द मांगों के समाधान की मांग उठाई।
संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार चिकित्साधिकारियों ने सात सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें संवर्ग का निस्तारण, डीएसीपी (DACP) का लाभ दिए जाने संबंधी व्यवस्था, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन, लंबित एसीपी लाभ प्रदान करना, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायी समायोजन तथा चिकित्साधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए तीन वर्ष तक पूर्ण वेतन पर अध्ययन अवकाश की व्यवस्था किए जाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा चिकित्सकों ने मोबाइल एप आधारित उपस्थिति एवं आधार आधारित बायोमेट्रिक व्यवस्था से उत्पन्न हो रही समस्याओं के निराकरण की भी मांग की।
धरना कार्यक्रम में जिला शाखा के पदाधिकारियों एवं चिकित्साधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान जिला शाखा के सचिव डॉ. विनोद धौनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह, डॉ वीरेंद्र चन्द,डॉ. भगवान सिंह, डॉ. सुभाष चौहान, डॉ. विजयलक्ष्मी, डॉ. प्रदीप, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. वंदना चौहान सहित अन्य चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।

