पुरोला।पुरोला तहसील सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखण्ड बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार ने पुरोला का विधायक रहते हुए वर्ष 2017 से 2022 तक की उपलब्धियां गिनाई और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पुरोला विधानसभा में जमीनी स्तर पर अनगिनत कार्य किये हैं, जिनकी बदौलत पुरोला विधान सभा को नई पहचान मिली है। पुरोला को पृथक जनपद बनाना उनकी प्राथमिकता है जिसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
,मेरे खिलाफ भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं,स्वास्थय की कमी की वजह से वह जनता से समन्वय स्थापित नहीं कर पाए किन्तु अब जनता की सेवा के लिए पूरी तरह से फिट हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी जम कर तारीफ की और कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है,
उन्होंने अपने विधायक कार्यकाल में स्वीकृत सड़कें, मोटरपुल, विद्यालय भवनों की लंबी लिस्ट भी साझा की और कहा कि जिन सड़को पर आज कार्य चल रहा है उनमें से अधिकांश सड़कें उन्होंने अपने कार्यकाल में स्वीकृत करवाई हैं।
उन्होंने अपने विभाग से सम्बंधित सरकार द्वारा संचालित योजनाएं भी साझा की और कहा कि सघन बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किसानों को साठ प्रतिशत और पौली हाऊस के लिए पचास से अस्सी प्रतिशत, कोरोगरेटेड बॉक्स और घेरबाड पर पचास प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
राज्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ कुछ भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं,मैने साक्ष्यों के साथ आज पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी है। 2027 से 2022 तक स्वीकृत पीएमजीएसवाई की सड़कों का विवरण साझा करते हुए कहा कि मोरी के सौड़ से ओसला मोटर मार्ग,पांव से सिरगा,हड़वाड़ी से सेवा,नैटवाड़ से नुराणु, हुडोली पाणी गांव, कनताड़ी मोटर मार्ग,थली मोटर मार्ग,थौलधार,घण्डाला बियांली मोटर मार्ग,नैटवाड़ से हड़वाड़ी मोटर मार्ग,डेरिका धुनगिरी,कंडियालगांव मोटर मार्ग की स्वीकृति उनके कार्यकाल में हुई है,
नौगाँव में कृषि मंडी की स्वीकृति,भी उनकी उपलब्धियों में है। डामटा,धारी कलोगी,बर्निगाड,हुडोली,गुंडियाटगांव और जखोल इंटर कालेज के भवन को भी उनकी बदौलत स्वीकृति मिली थी। स्वास्थ्य, के क्षेत्र में किये गए कार्यों को भी उन्होंने साझा किया।
पत्रकारवार्ता में ओबीसी आयोग के सदस्य मोहबत नेगी,अमी चन्द शाह,जगमोहन पँवार,सुभाष नेगी,एडवोकेट स्वेता सिंह, आदि उपस्थित रहे।

