बड़कोट। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्याना चट्टी के पास शनिवार सुबह एक बार फिर भूस्खलन होने से यात्रा मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े पत्थर गिरने के कारण हाईवे के दोनों बैंड क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गिरा। इसके चलते सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन और निर्माण एजेंसी की मशीनें मार्ग खोलने में जुट गईं, लेकिन लगातार मलबा गिरने के कारण राहत कार्य प्रभावित होता रहा।
स्थानीय निवासी दिनेश राणा, शैलेन्द्र राणा, बलदेव सिंह, जयपाल सिंह और चित्र मोहन सिंह ने आरोप लगाया कि हाईवे चौड़ीकरण के दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा अनियंत्रित कटान किया गया, जिससे स्याना चट्टी क्षेत्र गंभीर खतरे की जद में आ गया है। उनका कहना है कि पहाड़ी का वैज्ञानिक ढंग से उपचार नहीं किया गया और सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई, जिसके कारण हल्की बारिश होते ही भूस्खलन शुरू हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही का खामियाजा स्थानीय व्यापारियों, क्षेत्रवासियों और चारधाम यात्रा पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है। बार-बार हाईवे बंद होने से न केवल यात्रा प्रभावित हो रही है, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और लोगों की दैनिक आवाजाही पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि स्याना चट्टी जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल स्थायी सुरक्षा कार्य, ढलानों का वैज्ञानिक उपचार, मजबूत रिटेनिंग वॉल और प्रभावी ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मानसून के दौरान बार-बार होने वाली इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने चौड़ीकरण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई है।

