ब्रह्मखाल /सुरेश चंद रमोला ।सुरम्य वादियों के बीच दस हजार फीट की उंचाई पर गंगा-यमुना घाटियों के मध्य हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले बौख मेले की तैयारियां दोनों घाटियों में शुरू हो चुकी है। ग्रामीणों ने घरों पर नागराजा की हरियाली डालकर अपने आराध्य की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
न्याय के देवता बौख नागराजा का मेला इसी माह ग्यारह प्रतिष्ठा को होना है और इसी साल राजकीय मेला घोषित होने से दोनों घाटियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। एक ओर जहां प्रशासन मेले की तैयारियों में जुट गया है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण भी भक्ति भाव के साथ देव सेवा कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता द्रवेश विजल्वाण ने बताया कि गंगा वैली में मंजगांव, वाण, ग्यूनोटी, गेंवला और नगल के ग्रामीण दस गते को सिलक्यारा टनल के पास एकत्रित होकर देव डोली की रात भर स्तुति करेंगे। इसी दिन सुप्रसिद्ध गायक जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण भी सांस्कृतिक संध्या के साथ लोगों का मनोरंजन करेंगे और अगले दिन क्षेत्र के लोग देव पालकी के साथ बौख मेले के लिए प्रस्थान करेंगे। वहीं दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमोहन पंवार ने कहा कि यमुना वैली से कपनौल , भाटिया, सहित दर्जन भर गांव के लोग 10 गते की सांय मुराल्टु में देव डोली के साथ विश्राम करेंगे और भक्ति भाव के साथ विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करेंगे वै भी अगले रोज बौखधाम को प्रस्थान करेंगे। बताते चलें कि बौखनाग ने पिछले साल सिलक्यारा टनल में अपनी शक्ति दिखाकर 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल कर अपना चमत्कार दिखाया था।

