गंगा में स्नान करने समान पुण्य मिलता है कथा ज्ञान गंगा का श्रवण करने से।
ब्रह्मखाल/सुरेश चंद रमोला।जिस प्रकार गंगा में स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है उसी प्रकार भागवत कथा श्रवण करने मात्र से पित्रों को मोक्ष मिलता है और उन्हे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख है कि कलयुग में जो भागवत कथा करवाता है उनके सभी पित्रों को ईश्वर के श्री चरणों में स्थान मिलता है । उपरोक्त प्रवचन करते हुये कथा वक्ता पंडित प्रेम सागर अवस्थी ने मंजगांव मे भागवत कथा के दौरान पंडित विनोद विजल्वाण, भुवनेश विजल्वाण, जगदंबा विजल्वाण के पित्रों के उद्धार के लिए भक्तों को कथा का श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को पृथ्वी पर लाया था उसी प्रकार भागवत कथा भी सनातनियों के पित्रो के उद्धार के लिये धरती पर आई है। कथा के दौरान भगवान कृष्ण जन्मोत्सव को आयोजन कर्ताओं ने बड़ी धूमधाम से मनाया।हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की उद्घोष के साथ जयकारों के बीच माहोल भक्तिमय बना गया सभी श्रोताओ ने बालकृष्ण के दर्शन कर अपने आप को धन्य समझा

