सुनील थपलियाल ।
उत्तरकाशी की सीमा से सटे नागटीब्बा इड्वालस्यू के घियाकोटी में श्रीनागदेवता कई उत्सव डोली के पहुंचने पर दो दिनों तक महोत्सव आयोजित हुआ।
इसमें लोग संस्कृति की झलक के साथ भगवान शेषनाग की दिव्य मनमोहक झांकी पूरे गाँव में निकाली गई और बटर फेस्टिवल (मक्खन की होली) श्रदालुओं द्वारा खेली गई। इस दौरान पूरा गाव ॐ नमः शिवाय ,जय नाग देवता के उदघोष के साथ भक्तिमय के रंग में नजर आया। शेषनाग देव की झांकी और मक्खन की होली का शुभारंभ भगवान नागदेवता की उत्सव डोली और उत्त्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद किया तथा दूर दूर से पहुँचे सैकड़ो श्रदालु इस महोत्सव के साक्षी बने। दरअसल नागटिब्बा इडवालस्यू पट्टी के 15 गांव में श्री नाग देवता महाराज की उत्सव डोली आजकल गांव गांव आशिर्वाद देने निकली हुई है। और हर गाँव मे श्री नागदेवता की डोली का भव्यता से स्वागत किया जाता है। ग्राम घियाकोटी में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे श्री शेषनाग देव की मनमोहक झांकी और मक्खन की होली का नजारा देख ग्रामीण महिलाएं व श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी के आंसू निकल आये।इधर श्री नागदेवता समिति घियाकोटी द्वारा श्रीनागदेवता की उत्सव डोली में लगा सोने का छत्तर समय से तैयार कर बनाने वाले ज्वैलर्स मधुकर महावर और खासकोटी के सामाजिक कार्यकर्ता जय प्रकाश नौटियाल को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
….आपको बताते चले कि उत्त्तरकाशी कि सीमा से सटे टिहरी जनपद के नागटिब्बा इड्वाल स्यू पट्टी का ग्राम घियाकोटी जहाँ पर दो दिनों तक क्षेत्र के आराध्य ईष्ट भगवान श्री नागदेवता की उत्सव डोली के पहुँचने पर महोत्सव आयोजित हुआ , दूसरे दिन उत्त्तरकाशी के जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण यहां बतौर मुख्य अतिथि पहुँचे। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई पौराणिक संस्कृति को जीवंत रखने का ये अच्छा प्रयास है। इसमें सभी को बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को नाग भूमि भी कहा जाता है ऐसे में नागदेवता की डोली , शेषनाग की झांकी और बटर फेस्टिवल में ग्रामीणों द्वारा आमन्त्रण मिला सौभाग्य की बात है। श्रीनागदेवता मन्दिर के मुख्य पुजारी सुमनलाल सेमवाल ने बताया कि नागटिब्बा इड्वाल स्यू पट्टी के 15 गाव में भगवान श्री नागदेवता की उत्सव डोली हर तीसरे साल गाव गाव पहुँचकर अपने श्रदालुओ को आशिर्वाद देती है। सभी को मनोकामना से आच्छादित करती है। ग्राम घियाकोटी में श्रदालु सूरत सिंह रावत,सुमनलाल थपलियाल, भरत सिंह राणा, सुनील थपलियाल, शरण सिंह राणा, सुभाष रतूड़ी,जबर सिंह, मोहन लाल,रोशन लाल, सुनील रावत,पूरन सिंह,जय प्रकाश, रोशन अग्रवाल, रमेश,जगदीश थपलियाल, गुलाब सिंह,जगतराम,केदारदत्त,सरदार सिंह,चमन सिंह, मोहन ,सुमन,आयुष, गुरु प्रसाद, मुकेश, शक्ति प्रसाद, आदि ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम घियाकोटी में तीसरे साल भगवान नागदेवता की उत्सव डोली आती है । इसका हमें भी बड़ा इंतजार रहता है। नागदेवता से सुख समृद्धि और अच्छी फसल होने की कामना की जाती है। और श्रीनागदेवता के दर्शन के लिए दूर दूर से श्रद्धालु पहुँचे हुए थे। बड़ा उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिला। श्रदालु मक्खन की होली और भगवान शेषनाग देवता की झांकी को देखकर बेहद खुश नजर आये।वैसे देवभूमि उत्तराखंड में हर महीने तीज त्योहार ,मेले व महोत्सव होते रहते है।
लेकिन इड्वालस्यू पट्टी के 15 गाव में हर तीसरे साल भगवान श्री नागदेवता की उत्सव डोली के आगमन का श्रद्धालुओं को इंतजार रहता है और ग्राम घियाकोटी में देवडोली के आगमन पर तांदी नृत्य, भगवान शेषनाग की झांकी और बटर फेस्टिवल का आयोजन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य कफनौल श्रीमती पूनम थपलियाल,थानाध्यक्ष ऋतुराज रावत, नारायण सिंह,मधुकर महावर,निखिल महावर सुमनलाल रतूड़ी, भरोषा सिंह, मगन लाल, सुप्पा सिंह, नरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू, प्रधान सरदार सिंह, जय प्रकाश नौटियाल,टीकाराम, राजेन्द्र सिंह, सुरेंद्र सहित सैकड़ों श्रदालु मक्खन की होली, शेषनाग की मनमोहक झांकी और उत्सवडोली के साक्षी बने।
टीम यमुनोत्री Express

