Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

यमुना माँ के मायके में समेश्वर महाराज यानी शनिदेव के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले, पढ़े पूरी खबर

बड़कोट। यमुना मां के मायके  खरसाली खुशीमठ में वैशाखी के पावन पर्व पर भगवान  समेश्वर देवता यानी शनि महाराज के कपाट आज विधि विधान से वैदिक मंत्रोचारण की बीच आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गये। 12 गाव पट्टी गिठ के ग्रामीण आज समेश्वर देवता यानी शनिदेव के दर्शन को उमड़ पड़ते है । श्रदालु भगवान समेश्वर देवता को आज के दिन केदार पात्री, गौन्त, धूप ,अन्न का भोग लगाते है ।
दरसअल बैसाखी के पावन पर्व पर सुबह सात बजे यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरशाली खुशीमठ में मां यमुना के भाई शनिदेव समेश्वर महाराज मंदिर के कपाट श्रद्वालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। दोपहर बाद समेश्वर देवता की उत्सव डोली पुजारियों द्वारा मंदिर से बाहर लाई गयी। जिसके बाद खरशाली में कपाट उद्धघाटन के बाद  भव्य मेला आयोजित होता है ।पुजारी प्रेम बल्लभ उनियाल  कहते है कि
चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के समीप ही भाई शनिदेव के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। शनिदेव धडीचौंरी में मौजूद श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंते है।  मन्दिर समिति के सचिव सूरज तोमर का कहना है कि क्षेत्र के गीठ ओजरी पटटी के बारह गांव के अलावा बाहर से श्रद्वालु अपने आराध्य देवता समेश्वर शनिदेव की डोली के दर्शन के साथ तांदी नृत्य करते है साथ ही आराध्य देव से देश, प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते है।
इस मौके पर ग्राम प्रधान यशपाल सिंह, चैन सिंह, जयेन्द्र सिंह, सुभाष उनियाल, पवन उनियाल, पंकज पंवार, रोहित रावत, महावीर उनियाल, गिरीश उनियाल, महादेव उनियाल, अंकित उनियाल, बागेश्वर उनियाल सहित सैकड़ों लोग कपाट उद्घाटन के साक्षी बने।
टीम यमुनोत्री Express

Related posts

दुःखद :गहरी खाई में गिरा बुजुर्ग, दर्दनाक मौत, एसडीआरएफ ने किया शव बरामद

Jp Bahuguna

यूकॉस्ट मे “लेखक गाँव- साहित्य सृजन, कला, संस्कृति व विज्ञान से बनता विश्व के लिए प्रेरणा” कार्यशाला का हुआ आयोजन… पढ़ें।

Arvind Thapliyal

जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिली शिक्षा सहायता, महाविद्यालय परिवार ने जताया आभार… पढ़ें।

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page