बड़कोट, उत्तरकाशी। यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित आषाढ़ की पारंपरिक जातरों एवं सांस्कृतिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। विभिन्न गांवों में आराध्य देवताओं की पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया गया।
यमुनोत्री विधानसभा के गंगटाड़ी, कोटी ठकराल एवं फरी में आयोजित आषाढ़ की जातर में विधायक के प्रबल दावेदार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने प्रतिभाग किया। उन्होंने आराध्य ईष्ट देव राजा रघुनाथ जी के पावन दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों एवं पारंपरिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता की।
रात्रि में बसराली गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या तथा स्यालब में आयोजित मां राजराजेश्वरी मेले में भी उन्होंने भाग लिया। कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों, मातृशक्ति, बुजुर्गों एवं युवा साथियों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना।
दीपक बिजल्वाण ने कहा कि उत्तराखंड के लोक मेले, जातर और सांस्कृतिक आयोजन केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के जीवंत प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत और जड़ों से जुड़ती है तथा समाज में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है तथा वे हमेशा जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठानों, पारंपरिक लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और उत्सवमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

