बड़कोट, उत्तरकाशी। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के बड़कोट विद्युत वितरण खंड में तैनात रहे तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी और अधिकृत वेंडर खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी, मानसिक उत्पीड़न और लापरवाही के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लाभार्थियों का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत आवेदन करने के बाद सामान्य परिस्थितियों में एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर दी जानी चाहिए, जबकि तकनीकी कारण होने पर भी 15 से 20 दिनों के भीतर मीटर स्थापित करने का प्रावधान है। इसके विपरीत, बड़कोट विद्युत वितरण खंड में तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह के कार्यकाल में अनेक लाभार्थियों को तीन से पांच माह तक मीटर लगने का इंतजार करना पड़ा।
योजना से जुड़े वेंडर नीरज चौहान सहित लाभार्थी सुभाष, रणवीर सिंह, जगन सिंह, अरविंद सिंह, कमला देवी, आजाद सिंह, सुभद्रा देवी, दिनेश सिंह, ओमप्रकाश, सुमन सिंह, कृष्णा सिंह, विजेंद्र सिंह, रामप्रसाद सेमवाल, धनश्याम प्रसाद, सरोजबाला, चैन सिंह, लायवर सिंह समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि जनवरी, फरवरी और मार्च में आवेदन करने के बावजूद उनके यहां चार से पांच माह तक मीटर नहीं लगाए गए, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
लाभार्थियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य आम लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली बिल में राहत देना है, लेकिन विभागीय कार्यप्रणाली के कारण उन्हें समय पर योजना का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार विभाग के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
इधर सामाजिक संगठन जय हो ग्रुप ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र भेजकर तत्कालीन अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह के पूरे कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
वहीं, हाल ही में आयोजित जनसेवा शिविर में इस संबंध में मिली शिकायतों को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गंभीरता से लिया। जय हो ग्रुप के पदाधिकारियों के अनुसार जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। वही तात्कालिक अधिशासी अभियंता धर्मबीर सिंह ने सभी आरोपो को निराधार बताया।
अब लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के क्रियान्वयन में हुई कथित लापरवाही और देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ मिल सके।

