सुनील थपलियाल
उत्तरकाशी
विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम दर्शन कर गंगोत्री यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में एक बड़ी चूक और घोर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों से खचाखच भरी एक मैक्स जीप का चालक बुरी तरह शराब के नशे में वाहन चलाता हुआ पाया गया। गनीमत यह रही कि समय रहते यात्रियों को इसका अंदेशा हो गया और उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बीच रास्ते में ही वाहन रुकवा कर अपनी जान बचाई। यदि थोड़ी सी भी चूक होती, तो इन दुर्गम और खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को सीज कर दिया है और चालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोटा राजस्थान के तीर्थयात्री राजेश कुमार
श्यामलाल,राम प्रताप गौतम,श्रीमती कृष्णा गौतम,श्रीमती आशा वैष्णव , कुमारी सुमन वैष्णव ने बताया कि
मैक्स जीप का चालक आज बड़कोट की शुरुआत से ही बेहद लापरवाही और असामान्य तरीके से गाड़ी चला रहा था। घुमावदार और संकरे पहाड़ी रास्तों पर वाहन की अनियंत्रित रफ्तार और चालक की संदिग्ध हरकतों को देखकर यात्रियों के मन में खौफ पैदा हो गया। जब कुछ यात्रियों ने टोकते हुए चालक से बात करने की कोशिश की, तो उसके व्यवहार और लड़खड़ाती जुबान से यह स्पष्ट हो गया कि वह भारी नशे में है।
बीच रास्ते वाहन से उतरे दहशतजदा यात्री
चालक के नशे में होने की पुष्टि होते ही वाहन में हड़कंप मच गया। भयभीत और नाराज तीर्थयात्रियों ने अपनी जान को भारी जोखिम में देखते हुए तुरंत गाड़ी रोकने का दबाव बनाया। जैसे-तैसे वाहन रुकते ही सभी यात्री दहशत में नीचे उतर गए और आगे की यात्रा के लिए प्रशासन से दूसरे सुरक्षित वाहन की मांग करने लगे। यात्रियों का कहना था कि भगवान की कृपा से ही आज उनकी जान बच पाई है,तीन धाम की जिम्मेदारी उक्त वाहन पर थी यमुनोत्री दर्शन के बाद गंगोत्री दर्शन को जान था रात बड़कोट रुके थे रात भी नशे में था और सुबह नाश्ते के समय भी उसने शराब पी ली थी।
इधर
मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय ट्रैफिक पुलिस तत्काल हरकत में आई और मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और नशे में धुत चालक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने चालक पर ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ (शराब पीकर वाहन चलाने) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और तीर्थयात्रियों से भरी उस मैक्स जीप को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। और तीर्थयात्रियों को दूसरे वाहन की व्यवस्थाकर उनके गंतव्य तक भिजवाया।
यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यात्रियों का कहना था कि चारधाम जैसे खतरनाक और संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर ऐसी लापरवाही सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की जान के साथ खिलवाड़ है।
इस घटना ने एक बार फिर चार धाम यात्रा मार्ग पर परिवहन विभाग की चौकसी, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस घटना से सबक लेते हुए स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
टीम यमुनोत्री Express

