Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
Uncategorized

बड़कोट के पौराणिक जलकुंड बदहाली की कगार पर, संरक्षण की मांग तेज,सदियों पुरानी धरोहर उपेक्षा का शिकार, जय हो ग्रुप ने सरकार और प्रशासन से की जीर्णोद्धार व सुरक्षा की मांग… पढ़ें खबर।ओआ

 

 

बड़कोट/उत्तरकाशी। हिमालय की गोद में बसा नगर पालिका बड़कोट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। कभी इस नगर में सैकड़ों पौराणिक जलकुंड हुआ करते थे, जो न केवल पेयजल का प्रमुख स्रोत थे, बल्कि धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और जल संरक्षण की जीवंत मिसाल भी माने जाते थे। समय के साथ अधिकांश जलकुंड या तो विलुप्त हो गए या फिर उपेक्षा के कारण जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं।

 

वर्तमान में नगर के कुछ प्रमुख जलकुंड ही अस्तित्व में दिखाई देते हैं। इनमें सहस्रबाहु कुंड, चन्द्रेश्वर महादेव मंदिर का जलकुंड, आरामशीन के समीप बौखनाग देवता का कुंड, बस पार्किंग क्षेत्र का जलकुंड तथा राजकीय इंटर कॉलेज परिसर स्थित सरस्वती माता जलकुंड प्रमुख हैं। इन सभी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रहा है, लेकिन लंबे समय से उचित देखरेख नहीं होने के कारण इनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

 

राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में स्थित सरस्वती माता जलकुंड के जीर्णोद्धार के प्रयास अवश्य शुरू हुए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। इस प्राचीन जलकुंड में लगा शिलालेख आज भी इसकी ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता का प्रमाण प्रस्तुत करता है। यह शिलालेख बड़कोट की गौरवशाली विरासत और प्राचीन जल प्रबंधन व्यवस्था की कहानी स्वयं बयां करता है।

 

स्थानीय सामाजिक संगठन जय हो ग्रुप ने कहा है कि यदि इन जलकुंडों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, सौंदर्यीकरण और दस्तावेजीकरण किया जाए तो यह क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे और आने वाली पीढ़ियां अपनी ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ सकेंगी।

 

ग्रुप के सयोंजक सुनील थपलियाल, एडवोकेट विनोद बिष्ट,अजय रावत, मोहित अग्रवाल, जय सिंह पंवार, प्रदीप जैन, महिताब सिंह, दीनानाथ, श्रीमती सुमन चौहान, भगवती रतूड़ी,विनोद नौटियाल, नितिन चौहान, मदन पैन्यूली, दिनेश रावत, द्वारिका सेमवाल, जयप्रकाश बहुगुणा,मनमोहन सिंगज, रविन्द्र सिंह, प्रदीप रांगड़,अंकित, रजत अधिकारी आदि ने उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पत्र लिखकर मांग की है कि बड़कोट के सभी प्राचीन जलकुंडों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए विशेष योजना बनाई जाए तथा इन ऐतिहासिक धरोहरों को अतिक्रमण और क्षति से बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इन अमूल्य धरोहरों को नहीं बचाया गया, तो बड़कोट की ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण अध्याय हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगा।

Related posts

फिल्म ‘मिशन देवभूमि’ एक फिल्म नहीं बल्कि एक क्रांति है : प्रो.तलवाड़  

Arvind Thapliyal

आस्था।वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दर्शनार्थ खुले विश्व प्रसिद्ध धाम यमुनोत्री धाम के कपाट…. पढ़ें समाचार।

Arvind Thapliyal

शिव महापुराण कथा कल्याण का मार्ग: आयुष कृष्ण

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page