बड़कोट (उत्तरकाशी)।उत्तरकाशी जनपद के लिए जैव विविधता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और रोचक खबर सामने आई है। जनपद में पहली बार दुर्लभ पक्षी सिरकीर मालकोहा (Taccocua leschenaultii) देखे जाने की पुष्टि हुई है। यह पक्षी अपर यमुना वन प्रभाग, बड़कोट क्षेत्र के आसपास दिसंबर माह में वन विभाग की टीम को दिखाई दिया, जिसकी स्पष्ट फोटोग्राफ भी लिए गए हैं।
वन क्षेत्राधिकारी रवाई श्री शेखर सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि सिरकीर मालकोहा उत्तराखंड के अब तक मुख्य रूप से मैदानी जिलों में पाया जाने वाला पक्षी है। यह लंबी पूंछ वाली, जैतून-भूरे रंग की चिड़िया अपनी अनोखी घुमावदार लाल चोंच के कारण आसानी से पहचानी जाती है। यह प्रजाति सामान्यतः शुष्क झाड़ीदार वनों और 1,000 मीटर (लगभग 3,280 फीट) से कम ऊंचाई वाले खुले वन क्षेत्रों में पाई जाती है।
उन्होंने बताया कि बड़कोट जैसे अपेक्षाकृत ऊंचाई वाले क्षेत्र में इस पक्षी का दिखना अत्यंत दुर्लभ है और शोध का विषय भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, पक्षी अन्य जीव-जंतुओं की तुलना में क्लाइमेट चेंज के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, ऐसे में उनके आवास क्षेत्र में बदलाव पर्यावरणीय परिवर्तन की ओर संकेत कर सकते हैं।
वन विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी जनपद जैव विविधता के मामले में पहले से ही अत्यंत समृद्ध है। अब तक पक्षी विशेषज्ञों द्वारा यहां लगभग 370 प्रजातियों की चिड़ियों का रिकॉर्ड किया जा चुका है। सिरकीर मालकोहा के दिखाई देने से इस सूची में एक और महत्वपूर्ण प्रजाति का इजाफा हुआ है।
वन विभाग का यह भी मानना है कि जनपद के दूरस्थ और कम सर्वेक्षण किए गए क्षेत्रों में अभी और भी नई या दुर्लभ पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में विस्तृत अध्ययन और निगरानी से इस दिशा में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
इस दुर्लभ अवलोकन ने न केवल वन विभाग बल्कि पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच भी उत्साह बढ़ा दिया है, और यह उत्तरकाशी की प्राकृतिक समृद्धि को एक बार फिर रेखांकित करता है।

