नौगांव । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर यमुना घाटी क्षेत्र की स्थानीय जनता ने ढोल नगाड़ों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुये नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई।
स्थानीय जनता बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजमार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल परिसर में पंहुचे धरना प्रदर्शन कर सरकार के नाकामीयों के खिलाफ उग्र होकर प्रदर्शन किया।
मालूम हो कि चार दशक पुराना नौगांव सामुदायिक यमुना घाटी का सबसे बड़ा पुराना अस्पताल है और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा हुआ लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाएं एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला विशेषज्ञ, सर्जन,एन्थोसिस्ट, रेडियोलोजिस्ट,बाल रोग विशेषज्ञ, सहित छः विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली हैं।
बुनियादी सुविधाओं से बदहाल स्वास्थ्य केंद्र को लेकर यमुना घाटी लोगों में भारी आक्रोश है मौजूदा सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
जन आंदोलन में पंहुचे आंदोलनकारी लोगों ने आरोप लगाया कि नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली के लिए उत्तराखंड की मौजूदा सरकार और सरकार के भाजपा विधायक दुरगेश्वर लाल दर्जाधारी मंत्री दोषी हैं।
जन आंदोलन करने पंहुचे आंदोलनकारीयों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा और नौगांव स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल बुनियादी सुविधाओं को दुरूस्त करने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो अनिश्चितकालीन अनशन और भुख हड़ताल होगा।
बासुदेव डिमरी, रमेश इंदवाण,अनुज रावत, महावीर पंवार, , सचिन कुमार, राजेन्द्र सेमवाल, विजयपाल रावत, लता नौटियाल,मीरा,भारती, अंकित रावत, आनंद परमार,दीपक धीमान, नविन चौहान,सहित सैकड़ों लोगों ने प्रतिभाग किया।

