बड़कोट।रवांई शरदोत्सव संस्कृति एवं पर्यटन विकास मेले के चौथे दिन की संध्या लोक-संगीत के नाम रही। उत्तराखंड की स्वरकोकिल रेशमा शाह और प्रसिद्ध लोकगायक रजनीकांत सेमवाल ने जब मंच संभाला तो माहौल सुरों की मिठास से सराबोर हो गया। पंडाल देर रात तक तालियों, उत्साह और लोकधुनों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत यमुनोत्री क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक केदार सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति, परंपरा और आपसी मेल-मिलाप का प्रतीक हैं। नगर पालिका द्वारा लगातार वर्षों से आयोजित हो रहा रवांई शरदोत्सव स्थानीय संस्कृति की पौराणिकता और समृद्ध विरासत को सुंदर रूप में प्रस्तुत करता है।
सांस्कृतिक संध्या में रेशमा शाह ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
‘जमुना कू पाणाी’, ‘अगलाड़ की माछी’, ‘चांदना की चौकि ओई मामा’ जैसे गीतों पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे और बड़ी संख्या में लोग तालियों व नृत्य के माध्यम से कलाकार का उत्साहवर्धन करते रहे।
वहीं रजनीकांत सेमवाल के लोकप्रिय गीत ‘टेकुल्या मामा’ ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। उनके अन्य गीतों पर भी श्रोता देर रात तक थिरकते रहे। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी और शानदार प्रस्तुति ने चौथे दिन की संध्या को यादगार बना दिया।
मेले में भारी भीड़ उमड़ी रही और दूर-दराज से आए लोगों ने भी संगीत संध्या का भरपूर आनंद लिया।
गौरतलब है कि नगर पालिका बड़कोट द्वारा आयोजित रवांई शरदोत्सव इन दिनों पूरे शबाब पर है। मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक कला, स्थानीय व्यंजन और पहाड़ी संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिल रही है, जिससे मेले का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों में पुरोला नगर पालिकाध्यक्ष बिहारी लाल, अजवीन पंवार, बड़कोट पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल, प्रो. योगिता डोभाल, जय सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

