बड़कोट।
रवांई शरदोत्सव मेले के चौथे दिन रविवार को आयोजित रवांलटी कवि सम्मेलन में स्थानीय भाषा, संस्कृति और साहित्य का अनोखा रंग देखने को मिला। प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा के नेतृत्व में रवांई घाटी के चर्चित कवियों ने रवांलटी भाषा में अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ और गायन प्रस्तुत किया, जिसे मेले में पहुंचे दर्शकों ने खूब सराहा।
कवि सम्मेलन में ध्यान सिंह रावत, राजुली बत्रा, अनिल बेसरी, भारती आनंद, अनुज बनाली, अनुरूप, विजय राणा, केशव रावत, जगमोहन रावत, राजवीर राणा, धीरेंद्र चौहान सहित कई स्थानीय कवियों ने अपनी भावपूर्ण और रसपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों के द्वारा प्रस्तुत लोकधर्म, प्रकृति, संस्कृति और रवांई की परंपराओं पर आधारित कविताओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम से पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल ने सभी कवियों का भव्य स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
रवांलटी भाषा और रवांई की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने वाला यह कार्यक्रम मेले की प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा।
टीम यमुनोत्री Express

