बड़कोट। स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में लगातार बढ़ रही गाद से यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी नजर आ रही है। कस्बे को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने पुनः चैंल्याइज का कार्य आरम्भ करते हुए नदी तक रास्ते का निर्माण किया। इधर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के जंगलचट्टी में रोड़ को खोलने के लिए विभाग के कर्मी व मशीनें युद्ध स्तर पर जुटे है।
मालूम हो कि यमुनाघाटी में बारिश का सिलसिला कम होने का नाम नही ले रहा है। पालिगाड़ से जानकीचट्टी तक एनएच134 कई स्थानों से अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो रखा है। जगह जगह तैनात जेसीबी मशीन मार्ग को खोलने में जुटे है। जंगलचट्टी में 200 मीटर हिस्सा वास् आउट होने पर विभाग पहाड़ कीटिंग कर आवाजाही के लिए तैयार कर रहा है जबकि फूलचट्टी व खरसाली रोड़ के पास रोड़ काफी क्षतिग्रस्त हुई है। स्यानाचट्टी यमुना नदी में हररोज हजारों कुंतल गाद आने से यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना का जल मोटर ब्रिज को छूकर निकल रहा है जिससे अब मोटर ब्रिज को भी खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग बड़कोट द्वारा स्यानाचट्ट मे नदी में चैनालाइजेशन का कार्य किए जाने हेतु रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। इधर एनएच के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से यमुनोत्री नेशनल हाइवे को भारी क्षति पहुँची है। विभाग के इंजीनियर व मशीनें मार्ग को दिनरात जान जोखिम में डालकर आवाजाही के लिए तैयार कर रहे है। सम्भवतः दो से तीन दिन में मार्ग आवाजाही के लिए सुचारू कर दिए जायेंगे। वही सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता आर पी बिजल्वाण ने बताया कि स्यानाचट्टी में भारी मात्रा में गाद बढ़ने से यमुना का जलस्तर बढा है। कस्बे के बचाव के लिए पुकलैंड मशीन से नदी में पहुँचने के लिए पुनः रास्ता बनाया जा रहा है जल्द ही यमुना में चैंल्याइज का कार्य शुरू कर दिया जायेगा।

