उत्तराकाशी।
देश के प्रधानमंत्री जिस गांव का दौरा कर चुके हो वहां लोकतंत्र का पर्व नही मनाया जा रहा है । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 5 जुलाई 2025 नामांकन के अंतिम दिन गंगा मैया के शीतकालीन प्रवास मुखवा गांव में ग्राम प्रधान, एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं करवाया।
बजह है रोड नहीं तो वोट नहीं। ग्रामीणों का आक्रोश यही नही रूका कि 28 जुलाई को होने वाले मतदान के दिन सदस्य जिला पंचायत के लिए भी ग्रामीणों द्वारा मतदान का विरोध रहेगा कोई भी ग्रामीण वोट नहीं करेगा ,साथ ही यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक रोड निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता है। ग्रामीण व तीर्थपुरोहित चाहते है कि गंगा मैय्या की उत्सव डोली के पैदल मार्ग के स्थान पर मुखवा जांगला मोटर रोड़ बने। बिडम्बना देखें तो राज्य निर्वाचन आयोग राज्य में सत प्रतिशत मतदान कराने के लिए जनजागरूकता अभियान सहित दिव्यांगों के लिए उचित व्यवस्था में जुटा है। सवाल ये खड़ा होता है प्रशासन ने ग्रामीणों को मनाने की जहमत नही उठायी होगी या ऐसा आश्वासन नही दे पाया कि रोड़ की स्वीकृति का प्रयास किया जायेगा ,आप लोकतंत्र के इस माह पर्व में हिस्सा ले। वैसे ग्रामीणों के इस निर्णय ने जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए है।
इधर जो ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के प्रत्याशी थे जिन्होंने बैठक कर रोड नहीं तो वोट नहीं मुहिम को आगे बढ़ाते हुए निर्णय लिया जब तक कार्य शुरू नहीं होता विरोध जारी रहेगा । इस मौके पर रमेश सेमवाल ,सुभाष सेमवाल, माधव सेमवाल, विंध्याचल सेमवाल ,अनिल नौटियाल ,कुशाल सिंह नेगी ,मातवर, प्रेमचंद ,धर्मानंद सेमवाल, दीपक सेमवाल, रमाकांत सेमवाल ,राकेश सेमवाल, नटवर नौटियाल, प्रेमकांत सेमवाल आदि दर्जनो लोग मौजूद थे।
टीम यमुनोत्री Express

