नौगांव। विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम सभा धारी में साधुराम डोभाल परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन बुधवार से से प्रारंभ हुआ जिसके प्रथम दिन पूज्य स्वामी गोपालमणि ने कहा कि कथा वही है, जिसमें ईश्वर से प्रेम हो. कथा सुनने से भक्तों में श्री कृष्ण का ज्ञान वैराग्य भक्ति स्थापित हो जायेगी. उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा गुरु शिष्य संबंध भी है, जिसमें गुरुदेव सुखदेव जी महाराज अपने प्रिय शिष्य राजा परीक्षित को भगवान की कथा अमृत का पान कराते हुए उनके ह्रदय में भगवान की प्रेम भक्ति स्थापित की और उसे भगवान से मिला दिया, अर्थात आत्म ज्ञान करा दिया. ठाकुर जी की कथा सुनते-सुनते खुद से मिल जाना जो स्वयं से मिल जाता है उसे कभी अकेलापन नहीं सताता. श्रीमद् भागवत कथा असीम है.
कथा आयोजन की विधि-व्यवस्था मे साधुराम डोभाल परिवार के उर्मिला देवी, शास्त्री अमित डोभाल,विवेक डोभाल,भरत डोभाल,दिनेश डोभाल सक्रिय रहे. पहला दिन ग्रामीणों ने भव्य कलश यात्रा निकाली । जबकि इससे पहले दिन साधुराम के दो पुत्रों का विवाह संस्कार कार्यक्रम आयोजित हुआ। तथा कथा वक्ता गोपालमणि जी ने कहा कि भगवान का स्मरण करना ही सर्वोपरी होता है, उन्होंने गौ सेवा को प्राथमिकता से किये जाने पर जोर दिया। कथा मंडप पर आचार्य वीरेश नौटियाल,मस्तराम सेमवाल,राकेश सेमवाल,रोशन जगूड़ी, देवप्रसाद उनियाल,रामेश्वर प्रसाद,कपिल उनियाल,मनीष हिन्दवाल,अनिल थपलियाल, आशीष सेमवाल,संदीप नौटियाल,काशीराम नौटियाल,कुलानंद कंसवाल,अमित खंडूड़ी, सुमन, इंद्रमणि है जबकि कथा के मुख्य यजमान साधुराम, निर्मला देवी, अमित ,सपना, विवेक शीतल, दयाराम,जनानंद,रामेश्वर ,पीताम्बर दत्त,जोगेश्वर , भरत उनियाल,अनिल नैथानी,अरविंद, रामचन्द्र,भगवती, केशवानंद, जगदीश प्रसाद एवं उनियाल व डोभाल बन्धु शामिल थे।

