बड़कोट। अपर यमुना वन प्रभाग के ख़िलाप जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, यमुनोत्री विधायक के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनता ने प्रभागीय कार्यालय में तालाबंदी कर डी एफ ओ का घेराव किया ,साथ ही 25 अप्रैल से तालाबंदी व उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है क्योंकि राजशाही के समय से काश्तकारों को मिलने वाली फ्रिग्रान्ट लकड़ी और देवदार पीढ़ी के न मिलने से यमुनाघाटी के काश्तकार जनमानस भारी आक्रोशित है। वन विभाग भारत सरकार से वर्किंग प्लान की स्वीकृति न मिलने का बहाना बना रहा है।। मालूम हो कि वनाच्छादित क्षेत्र अपर यमुना वन प्रभाग के ग्रामीण अपने हक हकूक के लिए बिरान हो रखें है। विभाग के चक्कर लगा लगा कर ग्रामीण बेहद परेशान हो गए है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल के नेतृत्व में दर्जनों काश्तकारों व जन प्रतिनिधियों ने डी एफ ओ कार्यालय में तालाबंदी कर फ्रिग्रान्ट लकड़ी व पी ड़ी लकड़ी की जल्द स्वीकृति की मांग की है। जबकि राजशाही के समय से वन महकमा यमुनाघाटी के ग्रामीणों को चीड़ के पेड़ का फ्रिग्रान्ट लकड़ी सहित पीढ़ी लकड़ी मुहैय्या करवाती थी परन्तु विगत दो वर्षों से ग्रामीणों को हकहकूक नही दिया जा रहा है। यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, काश्तकार अजबीन पंवार,राधेश्याम, दीपक,संजय सिंह,दिनेश सिंह, अवतार सिंह, जगमोहन , जय हो ग्रुप संयोजक सुनील थपलियाल आदि का कहना है कि सन 2021,2022,2023 में ग्रामीणों को हक़ हकूक मिला लेकिन विगत दो सालों से काश्तकारों को हकहकूक पर वन विभाग द्वारा कोठाराघात किया जा रहा है। एक तरफ वन विभाग वनों की सुरक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान चलवा रहा है दूसरी तरफ ग्रामीणों के हकहकूक से वंचित कर रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है अगर जल्द ग्रामीणों के हकहकूक फ्रिग्रान्ट लकड़ी सहित पीढ़ी की स्वीकृति नही दी गई तो सभी गाँव के ग्रामीण आंदोलन को बाध्य हो जाएंगे। उन्होंने 25 अप्रैल से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है और डी एफ़ ओ से जल्द कार्यवाही की मांग की है। इधर प्रभागीय वनाधिकारी रविन्द्र सिंह का कहना है कि राजशाही 1940 के आधार पर वर्किंग प्लान स्वीकृति के बाद फ्रिग्रान्ट लकड़ी दी जाती है वर्ष 2021-22 और 2022-23 में फ्रिग्रान्ट लकड़ी व पीढ़ी काश्तकारों को दी गयी उसमें वर्किंग प्लान स्वीकृति की प्रतीक्षा में हुआ। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से वर्किंग प्लान में कुछ आपत्ति आयी जिसे जल्द सही करके भारत सरकार को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति के बाद काश्तकारों के हकहकूक उपलब्ध कराए जाएंगे

