बड़कोट।
चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले यमुनाघाटी में जनआक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। यमुनाघाटी होटल एसोसिएशन समेत यात्रा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सख्त रुख अपनाया है।
बैठक में संगठनों के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों ने एक स्वर में यात्रियों की सीमित संख्या (लिमिटेशन) को समाप्त करने की मांग उठाई। इसके साथ ही जगह-जगह लगाए जाने वाले अनावश्यक आरटीओ चेक पोस्ट, गेट सिस्टम और बैरियर सिस्टम को न लगाए जाने की भी मांग की गई।
संगठनों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के कारण न केवल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि स्थानीय व्यापार और पर्यटन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के दिन से ही पूर्ण बंद (हड़ताल) किया जाएगा, जिससे चारधाम यात्रा प्रभावित हो सकती है।
बैठक में होटल एसोसिएशन अध्यक्ष सोबन सिंह राणा, समाजसेवी शरत चौहान, प्रवक्ता संदीप राणा, व्यापार मंडल अध्यक्ष धनवीर रावत, प्रकाश असवाल , मनमोहन चौहान, बलदेव परमार, केंद्र सिंह पायल, भगवान राणा, समाजसेवी महावीर पंवार, हरदेव चौहान, ममराज चौहान, गुरुदेव, अतुल पवांर, गोपाल चौहान, तेजेंद्र रतुड़ी, आशुतोष, अनिल कुमार, प्रताप रावत, विनय, रॉबिन राणा, अभिषेक उनियाल, कैलाश बहुगुणा,रोबिन सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
स्थानीय संगठनों ने सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है, ताकि चारधाम यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो सके और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

