नौगांव । विकासखण्ड के अंतर्गत विश्व आयुर्वेद दिवस धारी कफनौल और नौगांव के छमरोटा में स्थानीय लोगों को विश्व आयुर्वेद की जानकारी दी गई कि जीवन में आयुर्वेद चिकित्सा मानव जीवन के लिए कितनी जरूरी है।
मालूम हो कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेद के द्वारा स्वस्थ मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा एवं रोगी मनुष्य के रोग का निवारण किया जाता है।
डॉ. मिस कॉल अंसारी और डाक्टर विरेंद्र चौहान ने बताया कि आयुर्वेद ऐसी पद्धति है जो हमारी जीवन शैली को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखती है।
उन्होंने कहा कि सितंबर माह में हम 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। आयुर्वेद भारत की सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है, जिसे तकरीबन 100 देशों ने अपनाया है।
डॉ. मिसकॉल और डाक्टर चौहान ने बताया कि आयुर्वेद के द्वारा हमारी जीवन शैली, हमारा मानसिक विकास, शारीरिक विकास और शरीर में होने वाली अनेक बीमारियां जैसे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर आदि का इलाज हम अपने घर में मौजूद होम रेमेडीज से कर सकते हैं। यह सब हमें आयुर्वेद से सीखने को मिलता है।
यह जानकारी विश्व आयुर्वेद दिवस पर राजकीय इंटर कॉलेज कलोगी और छमरोटा गांव के स्थानीय लोगों को को दी गई।

