बड़कोट (उत्तरकाशी) | रिपोर्ट: सुनील थपलियाल।उत्तराखंड स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन, जनपद उत्तरकाशी की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को नगर पालिका परिषद बड़कोट सभागार में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत ने की। बैठक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के अधिकार, सम्मान और कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक में पहला प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की गई कि उत्तरकाशी जिला चिकित्सालय का नाम किसी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर रखा जाए, ताकि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्थायी सम्मान मिल सके और नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले।
दूसरे प्रस्ताव के तहत जनपद स्तर पर उत्तराखंड स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन का विधिवत गठन करने का निर्णय लिया गया, जिससे उत्तराधिकारियों की समस्याओं और मांगों को संगठित रूप से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जा सके।
तीसरे प्रस्ताव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के उत्तराधिकारियों को मिलने वाले 2 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को बढ़ाकर 3 प्रतिशत किए जाने की मांग राज्य सरकार से की गई।
चौथे प्रस्ताव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि 4,800 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई गई। साथ ही तिलाड़ी शहीद स्थल को पर्यटन एवं ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने की मांग भी दोहराई गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर शिक्षण संस्थानों, सड़कों और चिकित्सालयों का नामकरण करने संबंधी शासनादेश का कई स्थानों पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ है। इसे तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
बैठक में राजेंद्र सिंह रावत, चिरंजी लाल राही, विजय सिंह रावत, सरत सिंह रावत, राजेंद्र सेमवाल, जनक सिंह राणा, अतोल सिंह भंडारी, पूरण सिंह रावत और संजय सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

