बड़कोट। मानसून की बारिश ने यमुनोत्री धाम की जीवनरेखा माने जाने वाले यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्यानाचट्टी, हनुमानचट्टी और जंगलचट्टी में लगातार भूस्खलन और मलबा आने से राजमार्ग बार-बार अवरुद्ध हो रहा है। सबसे गंभीर हालात स्यानाचट्टी में बने हुए हैं, जहां करीब एक सप्ताह से पहाड़ी के लगातार दरकने से सड़क प्रभावित है, जबकि दूसरी ओर उफनती यमुना नदी का पानी बाजार क्षेत्र के कई भवनों को छूकर बह रहा है।
एक तरफ पहाड़ी से लगातार गिरता मलबा और दूसरी तरफ यमुना का बढ़ता जलस्तर—स्यानाचट्टी बाजार इन दिनों दोहरे संकट से जूझ रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन से सड़क यातायात प्रभावित है, वहीं नदी के तेज बहाव ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यमुना के किनारे स्थित भवनों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में आशंका बनी हुई है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्यानाचट्टी के आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने भूस्खलन प्रभावित स्थलों, यमुना के बढ़ते जलस्तर, सड़क और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक सप्ताह में पूरा हो वैली ब्रिज का निर्माण
जिलाधिकारी ने कुपड़ा मोटर मार्ग का निरीक्षण करते हुए निर्माणाधीन वैली ब्रिज का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मोटर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारू करने को कहा, ताकि प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सके।
यमुना चैनलाइजेशन में बढ़ेंगी मशीनें
स्यानाचट्टी में यमुना के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को चैनलाइजेशन कार्य में मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कार्यों में तेजी लाई जाए और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए।
आपदा प्रभावित पैदल मार्ग पर लगेंगी सोलर लाइटें
आपदा प्रभावित क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए जिलाधिकारी ने पैदल मार्ग पर सोलर लाइटें लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान सभी संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में रहें और किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीएम ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा सड़क बंद होने की स्थिति में मशीनरी और आवश्यक संसाधनों को तत्काल मौके पर तैनात करने के निर्देश दिए।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के साथ हनुमानचट्टी और जंगलचट्टी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बार-बार हो रहे भूस्खलन ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्यानाचट्टी में लगातार दरकती पहाड़ी और भवनों को छूकर बह रही यमुना के बीच प्रशासन के सामने अब चुनौती हालात पर लगातार निगरानी रखते हुए राहत एवं सुरक्षा कार्यों को तेजी से पूरा करने की है। इस मौके पर जिलाधिकारी के साथ उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, एनएच एक्शन मनोज रावत, सिंचाई एक्शन पन्नी लाल, लोनिवि एसडीओ जुद्धवीर तोमर,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सार्दुल गुसांई, जिला सूचना अधिकारी कर्मवीर शर्मा, सिंचाई एसडीओ बी आर बिजल्वाण,विधुत एसडीओ अजय सेमवाल ,एनएच अवर अभियंता बृजमोहन नौटियाल सहित दर्जनों अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

