बड़कोट।रवांई-जौनपुर क्षेत्र के इतिहास में 30 मई 1930 का तिलाड़ी गोलीकांड आज भी एक दर्दनाक और प्रेरणादायक अध्याय के रूप में याद किया जाता है। राजशाही हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ और अपने हक हकूक के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए शहीद हुए वीरों की स्मृति में शनिवार को तिलाड़ी शहीद दिवस श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर तिलाड़ी शहीद स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और सभी ने शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नगर पालिका बड़कोट के सौजन्य से आयोजित तिलाड़ी शहीद दिवस मेले में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे शहीद परिजनों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर बलिदानियों को नमन किया। पूरे क्षेत्र में देशभक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य एवं यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर शहीद परिजनों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि तिलाड़ी के वीरों का बलिदान उत्तराखंड के इतिहास की अमूल्य धरोहर है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भी इस ऐतिहासिक संघर्ष और बलिदान से अवगत कराना आवश्यक है ताकि शहीदों की स्मृतियां सदैव जीवित रहें।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि तिलाड़ी शहीद स्थल के संरक्षण और विकास के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में स्थापित शिलापट्टों का संरक्षण किया जाएगा तथा यहां तक पहुंचने वाले मार्ग को बेहतर और सुविधाजनक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि राजशाही से स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।
यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल ने कहा कि तिलाड़ी केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि वीर शहीदों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष की पवित्र भूमि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन एवं विरासत केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। साथ ही तिलाड़ी से राजस्तर तक मोटर मार्ग निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा कि तिलाड़ी से पौटी पुल तक रिवर बेल्ट क्षेत्र में उपचारात्मक कार्य किए जाएंगे तथा तिलाड़ी को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे देश-दुनिया के लोग इस ऐतिहासिक स्थल और इसके गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने तिलाड़ी गोलीकांड के शहीदों के साहस, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष आज भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। तिलाड़ी की पावन धरती पर उमड़ा श्रद्धा और सम्मान का यह सैलाब शहीदों के अमर बलिदान को एक बार फिर जीवंत कर गया।
कार्यक्रम में विधायक सजंय डोभाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल,दर्जाधारी राज्यमंत्री श्याम डोभाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान, जशोदा राणा, अजबीन पंवार,विशलमणि रतूड़ी, नरोत्तम रतूड़ी, मुकेश टम्टा, अजय रावत, विजयपाल रावत, सरदार राणा, अनिल चौहान, पशुराम जगूड़ी, नायब तहसीलदार खजान असवाल ,अधिशासी अधिकारी उमेश सुयाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, शहीद परिजनों एवं क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग कर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। तिलाड़ी शहीद दिवस का यह आयोजन क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और बलिदान की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना।

