बड़कोट। मजदूर दिवस के अवसर पर यमुनोत्री धाम यात्रा व्यवस्थाओं में कार्यरत डोली, कंडी एवं घोड़ा-खच्चर संचालक मजदूरों की समस्याओं को लेकर जिला पंचायत उत्तरकाशी एवं जिला प्रशासन से विभिन्न मांगों के समाधान की अपील की गई।
महाबीर पंवार ‘माही’ ने कहा कि रोटेशन व्यवस्था को पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण तरीके से संचालित किया जाए तथा मजदूरों से किसी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाई जाए। उन्होंने घोड़ा-खच्चरों की दुर्घटना सहायता राशि 35 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए करने और मजदूर की मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि यमुनोत्री धाम से प्राप्त राजस्व का बड़ा हिस्सा स्थानीय मजदूरों की सुविधाओं, टीन शेड और पार्किंग निर्माण पर खर्च किया जाना चाहिए। साथ ही जानकीचट्टी क्षेत्र में अवैध शराब एवं नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई, बाहरी लोगों का सत्यापन और यात्रा मार्ग पर नियमित पुलिस चेकिंग की मांग भी की गई।
इसके अलावा यमुना नदी को स्वच्छ एवं पवित्र बनाए रखने के लिए ढाबों में शौचालय अनिवार्य करने तथा जागरूकता अभियान चलाने की भी अपील की गई। मजदूरों से श्रद्धालुओं के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने का भी आग्रह किया गया।

