नौगांव । विकासखण्ड के मुंगरसंन्ति क्षेत्र के तिंया गांव में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हो रहा है,जिसके प्रथम दिवस पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई जो रूद्रेश्वर महादेव के मंदिर होते हुये कथा स्थल पंहुची जिसमें सैकड़ों स्त्री पुरुष सुंदर परीधानों में नजर आये।
उसके बाद आज शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भगवान के वामन अवतार की कथा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया गया और माखन मिश्री का भोग लगाकर रास नृत्य हुआ जिसमें नंद के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की भजनों से पूरा क्षेत्र झूम उठा।
आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने ने भगवान के विभिन्न अवतारों की कथा सुनाई और राजा बलि के प्रसंग पर भी प्रकाश डाला कैसे भगवान को तीन पग पृथ्वी दान दी थी और भगवान ने समुचे ब्रह्माण्ड को नाप दिया था।
व्यास पीठ से आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल बताया कि तियां गांव के लोग धन्य हैं, जहां भागवत रूपी कथा के रूप में भगवान श्रीकृष्ण आपके उद्धार के लिए पंहुचे हैं, नौटियाल ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की सभी श्रोताओं को बधाई दी,कथा में आचार्य आनंद मोहन शास्त्री भी दूसरे व्यास के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
मालूम हो कि यह श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रीमती जशोदा देवी और उनके पुत्र अंकित और रूद्रेश्वर देव माली संकित थपलियाल के परिवार के द्वारा आयोजित किया जा रहा और इसी भागवत कथा के मंडप से सुमन थपलियाल की पुत्री रूची का विभाह संस्कार भी हुआ।
कथा में आचार्य आनंद मोहन शास्त्री,मंडापाचार्य विशालमणी डोभाल, रामस्वरूप थपलियाल, दयाराम बहुगुणा, धनीराम, सुशील,कमलेश्वर, सहित तमाम विद्वान ब्राह्मण और ग्रामीण व भक्त मौजूद रहे।

