सुनील थपलियाल
बड़कोट/उत्तरकाशी।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला बड़कोट तहसील के सीमांत क्षेत्र ग्राम कोठार पट्टी गीठ से सामने आया है, जहां पिछले पांच महीनों से ग्रामीणों को सरकारी राशन नहीं मिल पाया है। अक्टूबर से फरवरी तक का राशन न मिलने से गांव के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता द्वारा राशन के लिए विभाग में चालान भी लगाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक राशन की विभाग व ठेकेदार द्वारा आपूर्ति गांव तक नहीं पहुंची है। ऐसे में ग्रामीणों को बाजार से महंगा राशन खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व ठेकेदार की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
राशन न मिलने से परेशान ग्रामीणों चन्द्र सिंह, जयवीर सिंह, केंद्र सिंह, प्रेम सिंह, प्रमोद, विनोद, फूलक, अनिल और उपेंद्र सिंह ने ग्राम प्रधान श्रीमती पूजा के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बड़कोट से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गांव में राशन उपलब्ध कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और शासन-प्रशासन से इस गंभीर मामले का जल्द संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि सीमांत गांवों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
वहीं उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश कुमार तिवारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि गांव के लोगों को उनका हक का राशन समय पर मिल सके।

