नौगांव । बर्नीगाड़ उप तहसील सात सालों के बाद भी अभी अस्तित्व में नहीं आई जिसका कामकाज कागजों में ही संचालित हो रहा रहा है,बर्नीगाड़ उप तहसील के अंतर्गत 55 राजस्व के लोग जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दास्तावजों के लिए बड़कोट तहसील पचास किलोमीटर दूर की दौड़ लगातें हैं, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण यह उप तहसील अभी अस्तित्व में नहीं आई है।
पुरोला विधानसभा के बर्नीगाड़ में वर्ष 2017 में तात्कालिक मुख्यमंत्री हरिश रावत ने घोषणा की लेकिन अभितक यह उप तहसील अभी अस्तित्व में नहीं आई है।
उप तहसील की अधीसूचना में तियां,दारसौं,कुवां,गढ,गातू, और कंडारी छः राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्र और 55 राजस्व ग्रामों आज बड़कोट तहसील के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उप तहसील बर्नीगाड़ को संचालित करने के लिये स्वाभिमान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कैलाश थपलियाल और नविन चौहान के अगुवाई में एक शिष्टमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात का कर बर्नीगाड़ उप तहसील को अस्तित्व में लाने को लेकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने की मांग उठाई।
स्वाभीमान मोर्चा के लोगों ने चेतावनी ने दी की सरकार और प्रशासन जल्द मामले में उच्च स्तरीय कार्यवाही करे यदि कार्यवाही नहीं होती है तो सिस्टम के खिलाफ आंदोलन होगा।

