Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

रंवाई घाटी के बनाल क्षेत्र में होने वाली देवलांग का बडा़ धार्मिक महत्व:अरूण नौटियाल

बड़कोट।अरुण नौटियाल शास्त्री बतातें हैं कि
उत्तराखंड त्योहारों को लेकर अपनी एक अलग पहचान रखता है। इसमें यदि सीमांत जनपद के रवांई घाटी की बात करें तो यहां बहुरंगी संस्कृति की धनी है। एक ओर जहां देश दुनियाभर में कार्तिक महीने दीपावली मनाई जाती हैं वहीं पहाड़ में ठीक एक माह बाद मंगसीर की बग्वाल को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। इस बार राजकीय मेला देवलांग महापर्व इस वर्ष 20 नवंबर को मनाया जाएगा। मेला समिति की तरफ से भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। उत्तरकाशी में बग्वाल का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। जी हां मंगसीर की बग्वाल गढ़वाली सेना की तिब्बत विजय का उत्सव देश दुनिया भर में भले कार्तिक माह की दीपावाली मनाई जाती हो, लेकिन पहाड़ों में बग्वाल देवलांग परम्परा कुछ अनूठी है। या यूं कहें कि पहाड़ों के उत्तरकाशी, रवांई घाटी-जौनपुर, जौनसार में भगवान श्रीराम भगवान का अयोध्या लौटने की खबर ठीक एक माह मिलती है। तभी तो सदियों से रवांई के गैरबनाल व ठकराल के मणपाकोटी, उत्तरकाशी के धनारी क्षेत्र में देवलांग का पर्व मनाने की अलग ही परम्परा है। उत्तरकाशी, चमोली में मंगसीर की बग्वाल को एक माह बाद मनाने के पीछे यह कारण है कि 1627-28 के बीच गढ़वाल के राजा महिपत शाह के शासन के दौरान तिब्बती लुटेरे गढ़वाल की सीमाओं के अंदर घुसकर लूटपात करते थे। तब माधो सिंह भण्डारी ने अपनी सेना इस दौराने चमोली के पैनखंडा और उत्तरकाशी के टक्नौर क्षेत्रा में भेजी थी। गढवाल सेना विजय पताका फहराते हुए तिब्बत तक भारत के झंडे गाडे थे। इस खुशी में यह व ग्वाल मनाएं जाने की परम्परा है। स रंवाई घाटी के प्रत्येक गांव में बग्वाल बड़े उत्साह और पौराणिक रितिरिवाज के साथ मनाया जाता है। बग्वाल के इस त्योहार को रवांई घाटी का बनाल क्षेत्र देवलांग के रूप में मनाता है। जहां हजारों की संख्या में लोग जातें हैं देवलंग नौगांव के गैर बनाल में होती है। राजा रघुनाथ के मंदिर के सामने एक लंबी देवलांग यानि एक पेड़ पर मशाल बांधकर देवलांग को खड़ा किया जाता है बनाल पट्टी के दो थोक साठी और पनसाई इसे उठाकर दुनिया की सबसे लंबी मशाल के रूप में जलाई जाती है। देवलांग पौराणिक सभ्यता और दैविक रूप से मनाई जाती है। और लोग इसे अपने आस्था का प्रतिक मानते हैं गैर बनाल की देवलांग को उत्तराखंड सरकार ने राजकीय मेले का दर्जा दे रखा है।

मंगसीर की बग्वाल गढ़वाली सेना की तिब्बत विजय का उत्सव।

देश दुनिया भर में भले कार्तिक माह की दीपावाली मनाई जाती हो, लेकिन पहाड़ों में बग्वाल देवलांग परम्परा कुछ अनूठी है। या यूं कहें कि पहाड़ों के उत्तरकाशी, रवांई घाटी-जौनपुर, जौनसार में भगवान श्रीराम भगवान का अयोध्या लौटने की खबर ठीक एक माह मिलती है। तभी तो सदियों से रवांई के गैरबनाल व ठकराल के मणपाकोटी, उत्तरकाशी के धनारी क्षेत्र में देवलांग का पर्व मनाने की अलग ही परम्परा है। उत्तरकाशी, चमोली में मंगसीर की बग्वाल को एक माह बाद मनाने के पीछे यह कारण है कि 1627-28 के बीच गढ़वाल के राजा महिपत शाह के शासन के दौरान तिब्बती लुटेरे गढ़वाल की सीमाओं के अंदर घुसकर लूटपात करते थे। तब माधो सिंह भण्डारी ने अपनी सेना इस दौराने चमोली के पैनखंडा और उत्तरकाशी के टक्नौर क्षेत्रा में भेजी थी। गढवाल सेना विजय पताका फहराते हुए तिब्बत तक भारत के झंडे गाडे थे। इस खुशी में यह व ग्वाल मनाएं जाने की परम्परा है।

जानिए कैसे तैयार होती है देवलांग।

सदियों से चली आ रही परम्परा अनुसार ग्राम गौल के लोग उपवास रखकर देवलांग के लिए देवदार का सम्पूर्ण हरा वृक्ष का प्रबन्ध करते हैं। इस में वृक्ष का शीर्ष, खण्डित न हो, वृक्ष गौर मन्दिर परिसर में ढोल बाजों के साथ लाया जाता है। इसके बाद रावत थोक इस वृक्ष के सम्पूर्ण भाग पर सिल्सी बांधकर उपवास रखकर देवलांग तैयार करते है। मध्य रात्रि के बाद बनाल पट्टी के लोग अपने-अपने गाँव से ढोल बाजों के साथ में जलते मशाल यओलिहाद्ध के साथ मन्दिर परिसर में आते है। यह दृश्य बड़ा ही दर्शनीय व अद्भुत होता है। देवलांग मेले में क्षेत्र के प्रसिद्ध बियांली बीट देवदार जंगल से देवदार का वृक्ष लाकर उस पर आग जलाई जाती है। इसमे देवलांग को लाने में गैर के नटाण बंधु व बिंयाली के खबरेटी बंधु अपनी अहम भूमिका निभाते है। यह मेला पूरे क्षेत्र की एकता पवित्रता समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष युवाओं में देवलांग मेले के प्रति अधिक उत्साह है।

Related posts

उत्तरकाशी: 27 रुपये किलो मंडवा,25रुपये किलो झंगोरा,50 रुपये किलो चौलाई,40 रुपये किलो सोयाबीन खरीदेगी किसानों से सरकार

admin

उत्तराखंड से केजरीवाल ने किए चार वादे 

admin

उत्तरकाशी :केन्द्रीय राज्यमंत्री  व DGP उत्तराखण्ड  ने टनल साईट पर पहुंचकर किया भौतिक निरीक्षण

Jp Bahuguna

You cannot copy content of this page