बड़कोट/ अरविन्द थपलियाल।चारधाम सयुक्त सरंक्षण समिति एवं होटल एसोसिएशन ने धामी सरकार से चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों के बनाये गए कड़े नियम को समाप्त करने की मांग की है । सरकार से चारधाम यात्रा को सरल और बाधारहित बनाने के प्रयास किए जाने की मांग की। कहा कि यात्रियों, होटल कारोबारियों के साथ ही यात्रा से जुड़े हित धारकों के हित में निर्णय लिए जाने पर सभी ने जोर दिया।
मालूम हो कि चार धाम सयुक्त सरंक्षण समिति के अध्यक्ष अशोक सेमवाल ने कहा कि चार धाम यात्रा में यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता को समाप्त किया जाए। चारधाम यात्रा पर प्रतिदिन यात्रियों की संख्या सीमित करने से श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। स्थानीय होटल, धर्मशालाओं एवं अन्य व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कहा कि सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। कहा कि अधिकांश यात्री एडवांस बुकिंग नहीं करते हैं। ऐसे में यह बाध्यता यात्रियों और होटल व्यवसायियों के लिए परेशानी उत्पन्न कर रही है। समिति के संयोजक अजयपुरी ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने के लिए महज एक महीने का समय रह गया परन्तु यात्रा व्यवस्था सहित आपदा से क्षतिग्रस्त गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के घाटों का निर्माण न होना चिंता की बात है l
यमुनोत्री धाम होटल व्यवसायी अरविंद सिंह रावत, शरत चौहान, प्रताप रावत, दिनेश डोभाल ने कहा कि यात्रा सरल और सुगम हो इसके लिए सभी लोगों को सामूहिक प्रयास करना होगा।उन्होंने कहा कि यमुनोत्री धाम के घोड़ा खच्चर पड़ाव, डंडी कंडी। मजदूरों के बैठने की व्यवस्था तक नही है जिला पंचायत व्यवस्था न करके महज खाना पूर्ति कर हर साल इति श्री कर दे रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सीमित संख्या समाप्त करने, जगह जगह यात्रियों को रोकना बन्द किया जाना चाहिए,अन्यथा यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों को सरकार के विरुद्ध सड़कों पर आना होगा । इस मौके पर पालिकाध्यक्ष विनोद डोभाल,चारधाम सँयुक्त सरंक्षण समिति अध्यक्ष अशोक सेमवाल,संयोजक अजय पूरी, सचिव अभिषेक अलुबालिया,कोषाध्यक्ष प्रतीक कर्णवाल, समिति उपाध्यक्ष पवन उनियाल,विशाल मणि रतुड़ी, राघवानंद बहुगुणा, शरत चौहान, अरविंद रावत,प्रताप रावत,दिनेश डोभाल, विद्या दत्त रतुड़ी,सिद्धि भट्ट, देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

