उत्तरकाशी।उत्तराखंड में SBI जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड कंपनी ने किसानों को भ्रम में रखा गया है, मालूम हो कि किसानों का जो पैसा सेब इंश्योरेंस में लगाया गया था ओ भी घटाया गया है जबकि जब किसानों ने पिछले वर्ष इंश्योरेंस लगाया था उस समय मानक के अनुरूप CSC सेंटरो पर कागज लगाए गए थे, लेकिन कंपनी ने समय समय पर अपने नियमों में बदलाव कर हर नियम किशनों के ऊपर ही थोपे है,पिछले वर्ष का दावा भुगक्तान भी अब तक नहीं दिया गया जबकि भुक्तान नवंबर में बंट जाना था,किसानों का जो मुआवजा बनाया गया उस में भी अनेक जगह प्रायमरी डाटा के बजाय बेकअप वाला डाटा के अनुसार मुआवजा बनाया जा रहा है जिसका जीता जागता उदाहरण सेवरी वेदर स्टेशन है यहां का प्रायमरी डाटा पिछले दो वर्षों से दो गुणा कम कम बनाया जा रहा है जबकि इस क्षेत्र में भरी नुकसान भी हुआ है।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी सहित दस जनपदों में sbi जनरल कंपनी मौसम आधारित फसल बीमा योजना को संचालित कर रही है लेकिन रबी फसल 2023 का भुगक्तान आज तक नहीं हो पाया है जबकि देहरादून सहित तीन जनपदों में AIC कंपनी इस कार्य कर रही है जहां इस कंपनी ने किसानों का दावा भुगक्तान कर दिया है।
जिस कारण किसानों में भारी नाराजगी है यदि जल्द एक दो दिनों में SBI जनरल कंपनी द्वारा किसानों का भुगक्तान नहीं किया गया तो किसानों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मामले पर प्रदेश संयोजक संयुक्त किसान उत्तराखंड आजाद डिमरी ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनी किसानों को दुविधा में रख रही है और भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है जिसमें लोगों में भारी आक्रोश है।
हमने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी जानकारी लेने की कोशिश की लेकिन वह भी कोई पुख्ता जानकारी नही दे पाये और जल्द बिमा राशि खातों में डाल दी जायेगी।
अब देखना यह होगा कि इंश्योरेंस कंपनी की वह अंतिम तिथि कब होगी जिस पर लोगों को भुगतना होगा इस पर निगाहें हैं।

