Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

माघ मेले में स्वर कोकिला रेशमा शाह ने जमुना कू पाणी और रतू की तू सरोज बांद पर मचाया धमाल।

 

 

 

 

उत्तरकाशी/अरविन्द थपलियाल।उत्तरकाशी जनपद में 14जनवरी से चल रहे पौराणिक माघ मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने धूम मचा रखी हैं जहां जनपद के स्थानीय कलाकारों के द्वारा दिन में प्रस्तुतियां दी जाती हैं और रात में

उत्तराखंड के स्टार कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे और लोगों का मन जीत रहे हैं। पौराणिक माघ मेले के सांस्कृतिक संध्या की सातवीं रात्रि स्वर कोकिला और विस्मीलाह पुरूस्कार से सम्मानित उत्तराखडं की लोक गायीका रेशमा शाह के नाम रही जहां रेशमा ने सेकंडों दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और लोगो में भारी उत्साह देखने को मिला यहां तक की अतिथि और जिला पंचायत उत्तरकाशी की पूरी टीम तांदी लगाने के लिये माघ मेले के मंच पर पंहुच गई।

रेशमा शाह ने देव जागर,समेश्वर महाराज,ले भूजी जाल चुडा़,रतू की सरोज बांद।

जामूरे बूटूके, है साबसे सौणी ये,भरतू मामा,पाणी री टांकी रे ओ मामा और जमुना कू पाणी व रतू की तू सरोज बांद सहित तमाम गढवाली और जौनसारी गानों पर खूब धमाल मचाया और रेशमा शाह ने जिला पंचायत उत्तरकाशी व अध्यक्ष जिला पंचायत दीपक बिजल्वाण का आभार जताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्वर्गीय पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संकल चंद रावत के सुपुत्र शिक्षक प्रमोद रावत व मधु रावत रहे जिसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्वं०सकल चंद रावत को याद किया।

कार्यक्रम में कुलदीप बिजल्वाण,जिला पंचायत प्रतिनिधि डामटा कफनौल से विपिन थपलियाल,जिला पंचायत सदस्य मनीष राणा, प्रदीप कैन्तुरा, श्रीमती शशी कुमाई, मनोज मिनान, श्रीमती मधू भटवान, सहित जिला पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी और पुलिस प्रशासन के लोग मौजूद रहे।

Related posts

बड़कोट में पेयजल संकट पर यमुना से पम्पिंग योजना के निर्माण की उठी मांग, सीएम को लिखा पत्र,पढ़े पूरी खबर…..

admin

सुलगते जंगल-एमआई-17 हेलीकाप्टर से नरेंद्रनगर रेंज में बुझाई गई वनाग्नि

admin

नगर पालिका बड़कोट पेयजल योजना की स्वीकृति को 16वें दिन भी अनशन जारी व्यापार मंडल ने किया विरोध प्रदर्शन और व्यापारिक प्रतिष्ठान रहे बंद… पढ़ें।

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page