उत्तरकाशी से सुनील थपलियाल
आप ही पढ़िए उन्ही की जुबानी
1 फरवरी 2022 को हमारा 4 सदस्यों का दल जिसमें महावीर सिंह राणा(वरिष्ठ फार्मेसिस्ट)
वासुदेव सिंह राणा,अखिलेश्वर नाथ(फार्मेसिस्ट) व मनीष पंवार (कक्ष सेवक) शामिल थे,मेरे नेतृत्व में मोरी विकास खंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में कोविड टीकाकरण के लिए रवाना हुआ।मोरी से जखोल तक वाहन से जाने के बाद आगे का मार्ग कुछ दिन पहले हुए हिमपात के कारण अवरुद्ध था इसलिए जखोल से पैदल चलते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लेकर हमने दो दल में बंटकर अपने लक्ष्य को हासिल करने की योजना बनाते हुए आगे बढ़ना सुनिश्चित किया।एक दल में वासुदेव सिंह राणा व मनीष पंवार सुदूरवर्ती लिवाड़ी गांव के लिए रवाना हुए।दूसरे दल में मैं महावीर सिंह राणा और अखिलेश्वर नाथ राला,कासला, हरिपुर, रेकचा, फिताड़ी गांव के लिए रवाना हुए। हिमपात के कारण पैदल मार्ग बहुत ही विकट व जोखिम भरा था फिर भी हम अपने अपने पथ पर आगे बढ़ते रहे लेकिन बात यहीं तक नहीं रही पुनः 3 फरवरी को शुरु हुए हिमपात ने हमारी परिस्थिति को बेहद विकट बना दिया।लिवाड़ी गया दल 4 फरवरी को हिमपात के दौरान ही लौटने में सफल हो गया लेकिन हमारे लक्ष्य में राला,कासला, हरिपुर, रेकचा, फिताड़ी 5 गांव होने के कारण हमें अधिक समय लगना तय था। हिमपात दो दिन तक इतना भीषण रहा कि काम करना चुनौतीपूर्ण था।दुर्गम मार्ग पर आगे बढ़ते हुए मौत से भी सीधा साक्षात्कार हुआ लेकिन स्थानीय वासियों का सहयोग व साथ हमारे लिए वरदान साबित हुआ और हम टीकाकरण का अपना दायित्व निभाने के बाद अंततः आज 6 फरवरी को अपने तैनाती स्थल आराकोट लौटआए हैं।बेशक विपरीत मौसम व विकट परिस्थिति के चलते यह काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था फिर भी अपनी इच्छाशक्ति के बलबूते पर हम इसका निर्वाहन कर सके इसका गहरा संतोष है।इस दौरान हमें जिन लोगों का सहयोग मिला उसे जीवन में भूल पाना हमारे लिए संभव नहीं होगा।
इसी तरह18 दिसम्बर 2021से 24 दिसम्बर 2021तक सुदूरवर्ती गांवों- लिवाड़ी,राला, कासला, हरिपुर, रेकचा, फिताड़ी तथा गंगाड़, पवांणी, ओसला में कोविड टीकाकरण का दायित्व मुझे फार्मेसिस्ट अखिलेश्वर नाथ को साथ लेकर निभाने का अवसर मिला।तब इतनी राहत जरूर रही कि फिताड़ी तक हमारा वाहन जा सका था बाकी सभी गांवों के लिए पैदल चढ़ाई के दुर्गम रास्ते तय करने पड़े थे।श्री वासुदेव सिंह राणा व मनीष पंवार ने ढाटमीर की कमान संभाली थी।तब भी सप्ताह भर हमें टीकाकरण में हिस्सेदारी का जो अवसर मिला था उसमें भी स्थानीय वासियों का सहयोग भुलाया नहीं जा सकता।आशा सुलभकत्री मायापती के साथ ही वाहन चालक ईश्वर सिंह पंवार ने हमारे साथ लिवाड़ी, राला, कासला, हरिपुर, रेकचा, फिताड़ी गांव चलकर सहयोग की अद्भुत मिसाल कायम की थी। अंशकालिक दाई सुलोचना का गंगाड़ से पवांणी, ओसला तक हमारे साथ आना भी आपसी सहयोग की ही मिसाल है।
टीम यमुनोत्री Express

