Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
एक्सक्लूसिव देहरादून बड़ी खबर राजनीति राज्य उत्तराखंड

तीरथ सरकार का लिटमस टेस्ट होगा सल्ट में ,कांग्रेस भी अंतर्विरोधों से मुक्त नहीं ,मुख्य मुकाबला दोनों दलों में

दिनेश शास्त्री
देहरादून

आगामी 17 अप्रैल को होने वाला सल्ट विधानसभा उपचुनाव कई मायनों में उत्तराखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा। राज्य के नव मनोनीत मुख्य मंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए यह पहली परीक्षा के समान है तो कांग्रेस के लिए 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी के लिए आधारशिला से कम नहीं है।
वैसे इस उपचुनाव में कुल सात प्रत्याशी मैदान में हैं। यूकेडी के मोहन उपाध्याय का पर्चा निरस्त हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि चुनाव मैदान में ताल ठोकने को बेताब लोग मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के प्रति कितने लापरवाह हैं, यह उनकी गंभीरता को दर्शाता है, जबकि उत्तराखंड के सरोकारों का यूकेडी अपने पास कॉपीराइट मान कर च्लती है। हालांकि पृथक राज्य के निर्माण में उसका योगदान भुलाया नहीं जा सकता लेकिन उसके नेताओं से इतनी उम्मीद तो की ही जानी चाहिए कि शर्मिंदगी से दो चार न हों। खैर अब यह बात पृष्ठभूमि में चली गई है।
इस सीट पर बीजेपी के महेश सिंह जीना और कांग्रेस की गंगा पंचोली के बीच टक्कर है। गंगा पंचोली 2017 के विधानसभा चुनाव में सुरेंद्र सिंह जीना के मुकाबले हार गई थी।
देखा जाए तो विधानसभा में बीजेपी के पास प्रचंड बहुमत है। उसके पास अभी 56 विधायक हैं, इस लिहाज से उपचुनाव हार जाने पर भी सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला लेकिन नाक का सवाल बन चुके इस उपचुनाव को बीजेपी चाह कर भी हल्के में नहीं ले सकती। उसका भाग्य इस उपचुनाव के जरिए 2022 के विधानसभा चुनाव से भी जुड़ा है। इसी कारण बीजेपी की लोकप्रियता को मापने के लिए यह लिटमस टेस्ट बन गया है।
दूसरी ओर कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न है। यदि कांग्रेस इस उपचुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती है तो दस माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में भी फिर पार्टी की संभावनाएं बेहतर नहीं हो पाएंगी। जिस तरह से हरीश रावत खेमे ने पूरी ताकत लगा कर गंगा पंचोली को टिकट दिलाया, अगर वह चुनाव मैदान में खेत रह गई तो पार्टी की भविष्य की संभावनाओं पर पानी तो फिरेगा ही, खुद हरीश रावत की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचनी स्वाभाविक है। वर्ना सल्ट के रणजीत रावत के बेटे को टिकट दिलाने के लिए पार्टी का बड़ा वर्ग जोर लगा रहा था। यह वर्ग उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी की कितनी मदद करता है, यह देखने वाली बात होगी। वैसे रणजीत रावत के समर्थकों का समर्थन हासिल करना गंगा पंचोली और उनके रणनीतिकारों के कौशल पर निर्भर करेगा क्योंकि पिछले चुनाव में भी रणजीत रावत की पसंद का पार्टी ने ख्याल नही रखा था। इस हिसाब से जितना नाक का सवाल कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव बना है, उससे कहीं ज्यादा बीजेपी के लिए है। बीजेपी को अभी एक सीट सीएम के लिए भी खाली करनी है और उन्हें जितना भी है। इससे पहले थराली और पिथौरागढ़ के दो उपचुनाव बीजेपी जीत चुकी है। दोनो सीटों पर उसे सहानुभूति का लाभ मिला था। यहां भी मामला सहानुभूति का ही है। इस सीट पर प्रतिष्ठित जीना परिवार की परिवार की साख दांव पर है। सुरेंद्र सिंह जीना के असामयिक निधन से खाली हुई सीट पर बीजेपी को सहानुभूति का लाभ मिल सकता है, इसीलिए पार्टी ने जीना के बड़े भाई महेश को मैदान में उतारा है लेकिन यहां महेश जीना से ज्यादा तीरथ सिंह रावत की प्रतिष्ठा दांव पर है। वह भी तब जबकि खुद तीरथ सिंह कोरोना संक्रमित होने के कारण चुनाव मैदान में सीधे नहीं पहुंच पा रहे हैं।
देखा जाए तो बीजेपी के लिए यह सीट बेहद आसान भी है, उसके पास जहां जीना की विरासत है, वही प्रदेश में हुए नेतृत्व परिवर्तन का भी लाभ मिल सकता है, क्योंकि राज्य सरकार के प्रति जो नाराजगी आमतौर पर होनी थी, वह सीएम बदलने के साथ ही खत्म सी हो गई है। दूसरी ओर कांग्रेस खेमों में बंटी है। कांग्रेस के बारे में तो कई मौकों पर कहा जाता है कि लोग उसे जिताना चाहते हैं लेकिन पार्टी के लोग हरा देते हैं, अगर यह बात सच न होती तो पिछले चुनाव में हरीश रावत एक साथ दो सीटों से नहीं हारते। कांग्रेस ने यहां उपचुनाव के लिए गोविंद सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में टीम गठित की है, इस तरह कुंजवाल की प्रतिष्ठा को भी दांव पर लगा दिया है। कुल मिलाकर देखने वाली बात यह होगी कि सल्ट उपचुनाव का ऊंट किस करवट बैठता है, उसके साथ ही अगले चुनाव के परिणाम का संकेत भी सामने आना है। इस दृष्टि से यह उपचुनाव बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। कांग्रेस के लिए भी और बीजेपी के लिए भी।

टीम यमुनोत्री Express

Related posts

NDRF टीम भवाली ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षारोपण और चलाया स्वच्छता अभियान… पढ़ें खबर।

Arvind Thapliyal

पुरानी पेन्शन बहाली को लेकर कर्मचारियों ने तिलाड़ी शहीद स्मारक पर लिया संकल्प

admin

मानकों के विपरीत चलता हॉट मिक्सिंग प्लांट, ग्रामीणों ने जताया विरोध,पढ़े पूरी खबर……

admin

You cannot copy content of this page