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उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

लोक संस्कृति की रंगत में सराबोर ‘कुंड की जातर’ — दूसरे दिन सरनौल का पांडव नृत्य बना मुख्य आकर्षण…पढे खबर।

बड़कोट |जिला पंचायत उत्तरकाशी के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कुंड की जातर (बसन्त महोत्सव) के दूसरे दिन कार्यक्रम पूरी तरह स्थानीय लोक संस्कृति और कलाकारों के नाम रहा। क्षेत्र के विभिन्न कलाकारों ने मंच पर अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया और माहौल को उत्सवमय बना दिया।
दूसरे दिन की सबसे बड़ी खासियत सरनौल का प्रसिद्ध पांडव नृत्य रहा, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्ययंत्रों की धुन पर प्रस्तुत इस नृत्य ने देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की और पूरे आयोजन का आकर्षण केंद्र बना रहा। वही सरकारी स्टॉल सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाल पर जानकारी के लिए ग्रामीण पहुँच रहे है ।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक केदार सिंह रावत मौजूद रहे। इस अवसर पर रमेश चौहान सहित जिला पंचायत अध्यक्ष और सभी जिला पंचायत सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया।
महोत्सव के दौरान स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य आयोजित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलेगी। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विजय बधानी,भरत सिंह विष्ट, हीरा लाल, दीपेंद्र कोहली, शरत चौहान, रोहित जुड़ियाल, आनन्द राणा, मुकेश टम्टा,मनमोहन सिंह, अमित,सुमन प्रसाद डिमरी,महावीर बिष्ट, दिनेश भारती सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

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