सुनील थपलियाल बड़कोट।
ग्याहर दिवसीय हरिहर शिव महापुराण कथा को लेकर शनिवार को कथावाचक शिवस्वरूप नौटियाल की अगुवाई में ग्राम निसणी स्थित मंदिर से गाँव चौक तक शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभा यात्रा में शामिल हुए। वही कथास्थल में शिव पुराण ग्रन्थ की पूजा अर्चना की। विदित हो कि ग्राम सभा निसणी में भगवान समेश्वर व सभी ग्रामीणों के तत्वावधान में सावन मास के उपलक्ष्य में संगीतमय हरिहर शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया है। मौके पर कथावाचक शिवस्वरूप नौटियाल ने शिवपुराण के सुनने की महिमा बताते हुए कथा प्रारंभ की। बताया कि शिवपुराण श्रवन भाग्य वालों को ही प्राप्त होता है। शिव पुराण के सुनने वालों की सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। कहा कि शोनक आदि ऋषियों ने सूतजी से कलयुग के प्रभाव को लेकर प्रश्न पूछा। कलयुग में लोग अपने कर्म से भ्रष्ट हो जाएंगे। एक- दूसरे को धोखा देने लग जाएंगे। अपने ही अपनों का बुरा चाहने लग जाएंगे, तो उस समय इनसे बचने का क्या उपाय करना चाहिए । तब सूतजी ने बताया कि शिव महापुराण ही कलयुग के प्रभाव से आपको बचा सकती है। शिव महापुरण के श्रवण से मनुष्य का कल्याण होगा। साथ ही भयभीत लोगों को भी डर से बाहर निकालेगा। आगे कथा के दरम्यान भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी का आपस में मतभेद और उनके बीच में निराकार प्रभु शिव का एक अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट होने का कथा सुनाया । ब्रह्मा जी का पांचवा सिर भैरव जी के द्वारा काटा जाना और काल भैरव का काशी में आगमन आदि की कथा विस्तार पूर्वक सुनाई गई। साथ ही माता अनसूइया के घर त्रिदेव के आगमन की झांकी देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर आचार्य मदन मोहन शास्त्री, गजेंद्र उनियाल ,विपिन उनियाल ,सच्चिदानंद ,मोहन उनियाल ,रामस्वरूप थपलियाल ,राकेश उनियाल तथा आयोजक मंडल में प्रदीप पवार, सूरजमल पवार, चैन सिंह पवार ,बुद्धि चौहान, खुशपाल ,जसपाल ,नवयुवक मंगल दल, युवा साथी सहित अन्य श्रद्धालुबमौजूद थे।

