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एक्सक्लूसिव पिथौरागढ़ राज्य उत्तराखंड

धारचूला में “कैलाश द्वार” के नाम से लांच होगा जूट बैग

 

धारचूला /पिथौरागढ़

नगर की अल्पसंख्यक समुदाय की महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं जूट बैग मैकिंग का कौशल सीखकर हुनर की दुनिया में कदम रखेंगी। “कैलाश द्वार” के नाम से जूट बैग को बाजार में बिक्री हेतु उतारा जाएगा। इसको लेकर आज यहां अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के बीच मंथन हुआ।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ बोर्ड देहरादून द्वारा मुख्यमंत्री हुनर योजना के तहत नेपाल तथा चीन सीमा से लगे कैलाश द्वार के नाम से विख्यात धारचूला नगर में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 45 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के संचालन की जिम्मेदारी सोसायटी फॉर एक्सन इन हिमालया पिथौरागढ़ को दी गई है।
नगर पालिका सभागार में आयोजित एक दिवसीय संवाद में जिपंस जगत मर्तोलिया ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ इस विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि 45 दिवसीय प्रशिक्षण में महिलाओं को जूट बैग मैकिंग का कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग कम होने से जूट बैगो का बाजार में महत्व बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इसकी बारिकियों को सीखकर आगे बढ़ कर स्वरोजगार के नये आयाम स्थापित कर सकती है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को मार्केटिंग के गुर भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए महिलाओं को बाजार सर्वे तथा सम्भावनाओं से भी दो चार होना पड़ेगा।
संवाद में महिलाओं ने कहा कि आने वाले समय में वे सिलाई एवं कड़ाई का भी प्रशिक्षण लेना चाहती है।
संवाद कार्यक्रम में अनीसा बानो,गुलबाज,ऐशमा, सोहा,बबली, महक ,सीतारा,अमरीन, आयशा,इरा आदि मौजूद रही।

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