बड़कोट।
समेश्वर देवता का खरशाली मंदिर शुक्रवार को विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीत काल में आम श्रदालुओं के लिए बन्द कर दिए गये । कपाट बंदी के दौरान मन्दिर में भजन कीर्तन और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। अब चार माह तक श्रद्धालु समेश्वर देव के दर्शन नही कर पायेगा।

मालूम हो कि खरशाली ख़ुशिमठ में गीठ पट्टी के आराध्य ईष्ट समेश्वर देव के चार माह तक दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर कपाट बन्द कर दिए गए। शुक्रवार को सुबह से ही मन्दिर में पूजा अर्चना के साथ पौराणिक रीति रिवाज के तहत ग्रामीणों ने देव डोली के दर्शन किए, मन्दिर परिसर में जै जै हो समेश्वर देवता और देव अनुष्ठान के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण होता रहा। देव डोली के सम्मुख सैकड़ो की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने अपनी समस्या रखी जिसका निस्तारण समेश्वर देव ने मौके पर करते हुए सभी श्रद्धालुओं के कुशल क्षेम का शुभ आशीष देते हुए मन्दिर में विराजमान हो गए ।
इस मौके पर मोहन सिंह पंवार अध्यक्ष मन्दिर समिति , विजय सिंह पवार कोषाध्यक्ष , प्रदीप रावत सचिव सूरज सिंह तोमर उपाध्यक्ष चैन सिंह पवार, ग्राम प्रधान यशपाल सिंह, महादेव उनियाल, पवन उनियाल,क्रतेश्वर प्रसाद, भागेश्वर ,महावीर,रमेश उनियाल, सुभाष उनियाल, खिलानंद , रमण प्रसाद, सुरेश , जयेंद्र सिंह, पंकज पंवार सहित समस्त क्षेत्र के प्रधान ,क्षेत्र पंचायत, जन प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।
टीम यमुनोत्री Express

