Hindi news (हिंदी समाचार) , watch live tv coverages, Latest Khabar, Breaking news in Hindi of India, World, Sports, business, film and Entertainment.
उत्तरकाशी बड़ी खबर राज्य उत्तराखंड

आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्यालना में होगा , कपिंग थेरेपी, विद्ध कर्म, अग्निकर्म और बस्ती से होगा जोड़ों व कमर दर्द का सुरक्षित इलाज… पढ़ें खबर।

 

 

 

 

 

उत्तरकाशी/सुरेश चंद रमोला ।आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्यालना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा पंचकर्म द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर श्रृंखला के द्वितीय दिवस का आयोजन गेवला ब्रह्मखाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को बिना किसी दुष्प्रभाव के आयुर्वेद की आधुनिक व पारंपरिक विधाओं से नि:शुल्क उपचार देना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।

 

इस दौरान डा बिन्तेश्वरी नौटियाल ने कहा कि सामान्यतः लोग छोटे-मोटे दर्द के लिए मेडिकल स्टोर से बिना सलाह दर्द निवारक दवाएं खरीद लेते हैं। इस प्रचलन के कारण आज लीवर व किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

आयुर्वेद केंद्र में उपलब्ध दवा-रहित इलाज: स्यालना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मर्म चिकित्सा, पंचकर्म, कपिंग थेरेपी विद्ध कर्म, अग्निकर्म और बस्ती जैसी विशेष आयुर्वेद तकनीकों के माध्यम से संधि-जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, सर्वाइकल और सभी प्रकार के वात विकारों का सुरक्षित व प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की तैनाती शीघ्र ही केंद्र में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और पंचकर्म थेरेपिस्ट की स्थायी नियुक्ति होगी, जिससे स्थानीय महिलाओं व मरीजों को त्वरित और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।उन्होने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए बताया कि आयुर्वेद का मूल उद्देश्य केवल रोग दूर करना नहीं, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

ऋतुचर्या से संक्रामक रोगों पर वार मौसम परिवर्तन के समय आयुर्वेद में बताई गई ‘ऋतुचर्या’ का पालन करके हम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। इससे कोरोना और विभिन्न प्रकार के वायरल इन्फेक्शन जैसे संक्रामक रोगों से स्वयं का बचाव किया जा सकता है । द्वितीय दिवश के इस शिविर में आज दायित्वधारी दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रामसुंदर नौटियाल ने सिरकत और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस आयुर्वेदिक अस्पताल मे जिस प्रकार से मरीजों का इलाज किया जा रहा है वह सराहनीय है और पंचकर्म थेरेपी से इलाज करवाया जाना अस्पताल प्रबंधन की यह पहल सराहनीय है और जल्द ही पंचकर्म टैक्निशियन की यहां तैनाती की जायेगी। इस दौरान गोपाल रावत, प्रवेन्द्र भंडारी, मनवीर भंडारी आदि लोग उपस्थित रहे।

 

 

Related posts

Uttarkashi:-गेंवला, ब्रह्मखाल में हुआ बहुद्देशीय विधिक साक्षरता एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन

admin

बड़ी खबर :उत्तराखंड में बनेंगे 232 पीएम-श्री स्कूल,प्रथम चरण में केन्द्र सरकार ने स्वीकृत किये 142 विद्यालय:डॉ धन सिंह रावत

admin

एम्स ऋषिकेश के डाॅक्टर दिलीप वैष्णव ने साईं सृजन पटल पत्रिका के 18वें अंक का किया विमोचन…. पढ़ें खबर।

Arvind Thapliyal

You cannot copy content of this page