उत्तरकाशी/सुरेश चंद रमोला।सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) आयुर्वेद, आयुष्मान आरोग्य मंदिर श्यालाना की विशेष पहल पर आज ब्रह्मखाल गेवला में एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयुर्वेद की विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य मदन लाल बिजलवाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, भाजपा मंडल अध्यक्ष आलिंदर भंडारी तथा वरिष्ठ पत्रकार सुरेश रमोला उपस्थित रहे। इसके अलावा, शिविर में विशेष रूप से जिला उत्तरकाशी से आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नोडल अधिकारी डॉ. अनुज पुरी एवं डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मैनेजर मिस शिवानी भी मौजूद रहीं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी परामर्श और जांच सुविधाएं
शिविर में आए मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सिंह बिष्ट जीव्या दसकी तथा डॉ. प्रवीण मेडिकल ऑफिसर, सूरी ताराकोट द्वारा किया गया। डॉक्टरों ने मरीजों को पेन मैनेजमेंट दर्द निवारण स्त्री रोग तथा अन्य जटिल समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक उपचार की सलाह दी। इसके साथ ही, शिविर में आए लोगों को पंचकर्म चिकित्सा और कपिंग थेरेपी की उपयोगिता एवं लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य शिविर में भारी संख्या में स्थानीय जनता ने निशुल्क चिकित्सीय परामर्श और दवाइयां प्राप्त कीं। इसके अलावा, कई ग्रामीणों ने शुगर, बीपी और खून की विभिन्न निशुल्क जांचें भी करवाईं।
आयुर्वेद के प्रति जागरूकता और भ्रांतियों का निवारण किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी वैद्य विंतेश्वरी ने बताया कि आम जनता में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने आयुर्वेद से जुड़े सबसे बड़े मिथक को खारिज करते हुए कहा कि “यह धारणा बिल्कुल गलत है कि आयुर्वेद बहुत धीमी गति से असर करता है। यदि मरीज सही समय पर इलाज के लिए आता है, तो आयुर्वेद बेहद सटीक, त्वरित और स्थायी परिणाम देता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आयुर्वेदिक औषधियों और थेरेपी का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव साइड इफेक्ट नहीं होता है, जिससे मरीज को पूरी तरह सुरक्षित उपचार मिलता है। शिविर को सफल बनाने में फार्मेसी अधिकारी सुबोध उनियाल, फार्मेसी अधिकारी लक्ष्मी कंसवाल, योग अनुदेशक मनीषा तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर श्यालाना केंद्र में कार्यरत आशा कार्यकर्ता देवेश्वरी, सरिता और रचना ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही कक्ष सेवक अक्वीर सिंह रावत, चंद्रभूषण बिजलवाण और जय भारत जी भी पूरी व्यवस्था में मुस्तैद रहे।
स्थानीय जनता में इस शिविर को लेकर भारी उत्साह देखा गया। लोगों की भारी उपस्थिति से यह स्पष्ट नजर आया कि क्षेत्र में आयुर्वेद के प्रति रुझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर श्यालाना में स्थापित यह ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ पूरे जिले का एकमात्र ऐसा उत्कृष्ट केंद्र है, जहाँ सरकार द्वारा आयुर्वेद की अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में भी इस तरह के विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों तक आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया गया।

