देहरादून। साईं सृजन पटल साहित्यिक संस्था के द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में रवांई घाटी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. चंद्रभूषण बिजल्वाण को उनके साहित्यिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित लेखक श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। पटल के कार्यालय में मुख्य संपादक प्रो. के. एल. तलवाड़ एवं उपसंपादक अंकित तिवारी ने डॉ. बिजल्वाण को सम्मान प्रदान कर उनके साहित्यिक एवं रचनात्मक योगदान की सराहना की।
डॉ. बिजल्वाण साईं सृजन पटल के सलाहकार मंडल के सदस्य भी हैं। उन्होंने पटल की मासिक पत्रिका के लिए उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, कला, पर्यटन और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर लेख उपलब्ध कराए हैं। रामासिराई के लाल चावल, जौनसार में मंदिर निर्माण के शिल्पी सुरेंद्र शाह, संदीप की अद्भुत पेंटिंग, चांशल घाटी में पर्यटन और ध्याणी मिलन समारोह जैसे उनके लेखों को पत्रिका में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।
साहित्य के साथ ही डॉ. बिजल्वाण ने शिक्षा, पर्यावरण, पर्यटन और फोटोग्राफी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उन्हें पूर्व में श्रेष्ठ शिक्षक गवर्नर अवार्ड-2019, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, उत्तराखंड विकास प्रवर्तक सम्मान, उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान तथा बार्फिया लाल जुवांठा सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
उत्तराखंड की प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत को कैमरे में सहेजने में भी डॉ. बिजल्वाण का विशेष योगदान रहा है। प्रदेश के तीर्थाटन, पर्यटन, लोकजीवन और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़े उनके छायाचित्र उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं।
सम्मान समारोह में डॉ. एस. डी. जोशी, प्रो. राजेश उभान, डॉ. अनूप वी. कठैत, वैष्णवी लोहनी, लेखिका नीलम तलवाड़ सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

