बड़कोट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़कोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अंगद सिंह राणा का विकासनगर स्थानांतरण होने पर क्षेत्र में नाराजगी देखने को मिल रही है। व्यापार मंडल, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनके स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि स्थानांतरण आदेश वापस नहीं लिया गया तो जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
व्यापार मंडल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी व सीएमओ को ज्ञापन भेजकर कहा कि डॉ. अंगद सिंह राणा लंबे समय से सीएचसी बड़कोट में बेहरत सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में रहकर न केवल मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि अपनी कार्यशैली और व्यवहार से आम जनता का विश्वास भी जीता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां अधिकांश चिकित्सक पर्वतीय क्षेत्रों में सेवा देने से कतराते हैं, वहीं डॉ. राणा ने वर्षों तक लगातार बड़कोट में रहकर अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन किया है। ऐसे में उनका स्थानांतरण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से बीमार लोग डॉ राणा के विश्वास से बड़कोट हॉस्पिटल पहुंचते हैं तथा सबसे ज्यादा ओपीडी और मरीजों की भीड़ इनके पास लगी रहती है।
यहां पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की लम्बे समय से मांग की जा रही है, लेकिन सरकार का आलम यह है कि विशेषज्ञों की तैनाती तो दूर अनुभवी डाक्टरों को ही हटाकर यहां के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। लोगों ने शासन से जनहित को देखते हुए डॉ. अंगद सिंह राणा का स्थानांतरण तत्काल निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्रवासियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष धनवीर रावत, महामंत्री सोहन गैरोला, भरत सिंह, महावीर पंवार, लोकेश चौहान, त्रेपन सिंह, कैलाश, विजय सिंह, नीरज, विनोद पंवार सहित विभिन्न गांव के ग्राम प्रधान आदि शामिल रहे।

