नौगांव ।यमुना घाटी में फल और सब्जियों के उत्पादन का बड़ा केंद्र हैं और यहां की भौगोलिक स्थिति विषम होने से फल सब्जियों के लिए पैकेजिंग और ग्रेडिंग सैंटर बनाने की मांग लंबे समय से हो रही थी,इस सैंटर को बनने से नगदी फसलों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहेगी।
यमुना घाटी के नैनबाग,डामटा, बर्नीगाड़, नौगांव,धारी,तियां, कफनौल क्षेत्र का चयन प्रस्ताव में किया गया है,जिस पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने औद्यानिक वोर्ड को निर्देशित किया है कि क्षेत्र में उचित स्थान का चयन किया जाये और उचित कार्यवाही हो।
इस ग्रेडिंग और पैकिंग सैटंर में सबसे बड़ी बड़ी व्यवस्था कोल्ड स्टोरेज करने की होगी जहां बागवानों और काश्तकारों को अपनी फल और सब्जियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी हालांकि सभी क्षेत्रों में छोटे छोटे सैंटर होगे लेकिन अधिक बागवान और काश्तकारों को लाभ मिलेगा जिसका अनुमोदन कृषि मंत्री के निर्देश पर औद्यानिक वोर्ड ने किया है।
मामले पर उत्तराखंड औद्यानिक समिति के सदस्य संजय थपलियाल ने बताया कि यमुना घाटी के नगदी फसलों पर निर्भर हैं और यहां की भौगोलिक स्थिति भी विषम है,जिसके लिए क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पैकेजिंग और ग्रेडिंग सैंटर का प्रस्ताव भेजा था जिसमें क़ृषि मंत्री गणेश जोशी ने औद्यानिक वोर्ड को उचित कार्यवाही के निर्देश करते हुए अनुमोदन कर दिया है।
क्षेत्र में पैकेजिंग और ग्रेडिंग सैंटर बनने से क्षेत्र के किसानों और बागवानो को लाभ होगा और उचित गुणवता वाले फल सब्जियों को बाजार में बेच पायेंगे और अधिक समय तक कोल्ड स्टोरेज में रख पांयेगे।
संजय थपलियाल ने औद्यानिक वोर्ड और कृषि मंत्री गणेश जोशी का आभार जताया।

