सुनील थपलियाल
बड़कोट।
विद्युत वितरण खंड बड़कोट में लंबे समय से विवादों और अनियमितताओं के आरोपों से घिरे अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया है। उनका तबादला नारायणबगड़ किए जाने के बाद क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सामाजिक चेतना की बुलंद आवाज जय हो ग्रुप ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल सहित संबंधित उच्च अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
जय हो ग्रुप का आरोप है कि अधिशासी अभियंता की कार्यप्रणाली से आम बिजली उपभोक्ता लंबे समय से परेशान थे। उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यों में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। संगठन का यह भी आरोप है कि विभागीय नियमों की अनदेखी करते हुए कई कार्य किए गए तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार सोलर योजना के अंतर्गत सब्सिडी प्राप्त करने के उद्देश्य से अपनी पत्नी के नाम सोलर प्लांट स्थापित कर अनुबंध तक किए जाने का मामला भी सामने आया, जिससे पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े हुए।
इन आरोपों को लेकर जय हो ग्रुप ने मुख्यमंत्री तथा पुरोला विधायक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। संगठन का कहना है कि यूपीसीएल में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही, जिसके बाद शासन स्तर पर कार्रवाई हुई।
पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने बताया कि अधिशासी अभियंता के विरुद्ध लंबे समय से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर उनका स्थानांतरण नारायणबगड़ किया गया है। विधायक ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच भी कराई जाएगी ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के लिए भी एक सख्त संदेश होगी।
उधर, जय हो ग्रुप के संयोजक और पदाधिकारियों में अजय रावत, मोहित अग्रवाल, रविन्द्र सिंह, सुनील, प्रदीप, महिताब, गिरीश, मनमोहन, जय सिंह, दीनानाथ आदि ने इस कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मुख्यमंत्री, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल तथा संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। संगठन ने उम्मीद जताई कि विद्युत वितरण खंड बड़कोट में अब पारदर्शी कार्यप्रणाली स्थापित होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।

