बड़कोट।विश्व यज्ञ अनुष्ठान पर्यावरण फाउंडेशन के संस्थापक महंत अरुण गिरी के सानिध्य में निकाली जा रही चारधाम छड़ी यात्रा का विभिन्न स्थानों पर सनातन धर्मावलंबियों द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। श्रद्धालु यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर यात्रा के दौरान एनवायरमेंट बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण करना प्रत्येक भारतीय का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझने का भी अवसर है।
उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि माँ यमुनोत्री और माँ गंगा के दर्शन के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक एवं कूड़ा-कचरा न फैलाएं। उन्होंने कहा कि हिमालय और नदियों की स्वच्छता बनाए रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद आवश्यक है।
महंत अरुण गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं से यह भी आग्रह किया कि चारधाम यात्रा से अपने घर लौटने के बाद प्रत्येक व्यक्ति कम से कम दो पौधे अवश्य रोपित करे और उनका संरक्षण भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का सबसे बड़ा माध्यम है और यही आने वाले समय में पृथ्वी को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला तथा पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “जय माँ यमुना” के जयघोष गूंजते रहे।

