बड़कोट (उत्तरकाशी)उत्तरकाशी आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील जिला माना जाता है। बरसात के मौसम में यहां सफर करना जोखिम से भरा होता है। बावजूद इसके, श्रद्धालु जन आस्था की मिसाल पेश करते हुए वर्षा, आपदा और कठिन रास्तों की परवाह किए बिना यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के दर्शन को पदयात्रा पर निकले हैं। यह सनातन धर्म के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है।
बारिश के बीच भी इन श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। गुजरात के थरा नगर पालिका अध्यक्ष निरंजन सोनी, मेहुल ठक्कर, विपिन ठक्कर, जगदीश जोशी, रजनीकांत कोटक, सोनी चेतना, ठक्कर धरती, ठक्कर रूपल, जोशी इला, नीता कोटक सहित कई अन्य यात्रियों ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष बद्रीनाथ की पदयात्रा की थी, और इस वर्ष यमुनोत्री तथा गंगोत्री की ओर प्रस्थान किया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि “मातारानी के दर्शन के आगे सभी कठिनाइयाँ तुच्छ हैं। असली आनंद तो कष्ट में ही छिपा होता है।”
उनका कहना है कि आपदाओं और मौसम की मार के बावजूद यह आस्था दिखाती है कि आध्यात्मिक विश्वास इंसान को हर कठिनाई से ऊपर उठने की शक्ति देता है। माता रानी जरूर हमारी यात्रा सफल करेगी।

