बड़कोट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बड़कोट उत्तरकाशी के अकादमिक सदस्यो द्वारा शनिवार को टीईएफ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डायट कोटीकरण को परिवर्तित करने का सामूहिक विरोध किया गया तथा प्राचार्य के माध्यम से महानिदेशक व सचिव विद्यालय शिक्षा को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
शिक्षा डीजी व सचिव को भेजे ज्ञापन में संकाय सदस्यों ने कहा गया है कि पृथक संवर्ग को मानते हुए स्थानांतरण एक्ट 2017 के सम्यक प्रावधानों के अंतर्गत 2022 में विभाग अध्यक्ष अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण द्वारा सभी संस्थानों का कोटीकरण समिति के माध्यम से किया गया । उसी कोटीकरण के आधार पर 2022-23 में वह 2023 24 में डायट उत्तरकाशी में भी डायट एवं एस.सी.ई.आर.टी. से स्थानांतरण किए गए । तत्पश्चात माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश के क्रम में निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा किए गए स्थानांतरण में यह माना गया की जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान एक जनपद स्तरीय संस्थान है और उनके कार्य प्रकृति विद्यालय से भिन्न और उनके विभाग अध्यक्ष अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण होते हैं विभाग द्वारा न्यायालय में यह माना गया कि 6 जनपद दुर्गम् और 7 जनपद सुगम होंगे लेकिन उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को ताक में रखते हुए और पूर्व के निदेशक एवं महानिदेशक के पत्रों को बिना संज्ञान में लिए हुए किया गया कोटीकरण सरासर गलत व उच्च न्यायालय की अवमानना है। इस संदर्भ में सभी अकादमिक सदस्यों द्वारा महानिदेशक से अपील की गई है कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप किये गए कोटीकरण को लागू करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत अकादमिक सदस्यों का संवर्ग पृथक किया जाए व भारत सरकार में दिए गए लिखित आश्वासनो को पूर्ण किया जाए। यदि कोटीकरण के संदर्भ में पुनः विचार नहीं होता है तो बाध्य होकर अकादमिक सदस्यों को कोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी व कोर्ट के अवमानना का वाद दायर करना पड़ेगा।
बैठक में डाइट बड़कोट से टीचर एजुकेटर फोरम के डॉ शक्तिधर मिश्रा, हेमू बिष्ट, डॉ सुबोध बिष्ट, मो. अरशद अंसारी, अरविन्द सिंह चौहान, शान्ति रतूड़ी, सुषमा महर, बबिता सजवाण, टीका राम सिंह रावत, प्रमिला नेगी आदि उपस्थित रहे।

