नौगांव। उत्तराखंड में एक तरफ सरकारें शिक्षा के गुणवत्ता को लेकर अपनी पीठ थपथपा ती है और दूसरी तरफ राज्य में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी हैं। मामला विकासखण्ड नौगांव के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कफनौल लम्बे समय से शिक्षकों का रोना रो रहा है।
विद्यालय में 120छात्र/छात्राओं की संख्या है और विद्यालय में एक शिक्षक और एक शिक्षिका कार्यरत जिससे छात्रों के पठन-पाठन में भारी समस्या आ रही है।
बतादें कि विद्यालय के छात्र छात्राओं को पूर्व मे अभिभावक जिला मुख्यालय लेकर गये थे जहां जिलाधिकारी से मुलाकात कर आश्वासन दिया था कि जल्द विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक दे दिये जांयेगे लेकिन अभितक विद्यालय शिक्षक बदहाली का रोना रो रहा है जिससे छात्र छात्राओं के जीवन पर कुप्रभाव पड़ रहा है।
कफनौल गांव के निर्वतमान प्रधान चंद्रशेखर पंवार ने बताया कि कफनौल राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय में छात्र छात्राओं की संख्या अधिक है और लगातार शिक्षकों की मांग को लेकर पत्राचार किया जा रहा है लेकिन अभितक शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई।
राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कफनौल शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है और नविन चौहान, शैलेन्द्र चौहान,अजय पाल,जवाहर सिंह, मनमोहन ,जगदीप चौहान, पंकज पंवार, मुकेश चौहान,प्रविन,धीरत पंवार,सहित दर्जनों ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों की तैनाती नहीं होती है तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव होगा।

