बड़़कोट।नगर पालिका के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत की बदहाल व्यवस्था को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं ,बिजली की आंख मिचौली की समस्या से नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण फीडर के लोग भी खासा परेशान व त्रस्त हैं, आलम ये है कि नगर का ड्रीम प्रोजेक्ट नलकूप पेयजल योजना का ट्रायल होना था वह भी नही हो पाया साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ग्रामीणों से मांगे जा रहे दस्ताबेज तहसील व सी एस सी सेंटरों से नही बन पा रहे है और तो और नगर में प्रतिदिन कई बार लोगो को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता हैं.व्यापारी लोगों का कहना है कि बिजली की आंख मिचौली व अघोषित कटौती होने से उनके व्यवसाय में असर हो रहा है। रात हो या दिन किसी भी वक्त बिजली गुल हो जाती है, एक दिन में आठ से दस बार बिजली गुल होना आम बात हो गई है। तहसील बड़कोट में कई मील दूर से पीएम आवास योजना के लिए जरूरी दस्बेज बनवाने आ रहे है बत्ती गुल रहने से उनके काम सबसे अधिक प्रभावित हो रहे है। इस संबंध में नया बाजार निवासी दिनेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सुनील ने बताया कि बिजली की इस आंख मिचौनी के कारण क्षेत्र में कब बिजली आएगी और कब कटेगी, इसका कोई समय-सारणी ही नहीं है. बिजली कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। बावजूद इसके बिजली विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह स्थिति क्षेत्र में लगातार बनी हुई है,एक ओर मौसम की बेरुखी के साथ लोगों को नियमित रूप से बिजली न रहने से परेशानी और भी बढ़ गई है। मौसम में परिवर्तन आने के बाद बिजली की आपूर्ति में भी परिवर्तन होने लगा है. क्षेत्र के लोगों ने बताया कि अगर बिजली विभाग समस्या में सुधार नहीं किया तो आंदोलन को बाध्य होंगे। लोगो का कहना हैं की बार बार बिजली का कटने से लोगो को तो परेशानी हो ही रही है.साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी खराब हो जा रहे हैं। इधर बृहस्पति वार को बड़कोट के ड्रीम प्रोजेक्ट पेयजल नलकूप के पानी सफ्लाई की ट्रायल होनी थी परंतु फ़ियूज उड़ने से व लाइट की आंख मिचौली से यह सम्भव नही हो पाया। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता देवराज तोमर ने बताया कि छोटी होली के दिन नलकूप योजना के पानी सफ्लाई की ट्रायल होनी थी उस दिन फ़ियूज उड़ने से ये ट्रायल नही हो पाया। इधर सहायक अभियंता का कहना है कि बिजली की आँख मिचौली की उन्हें जानकारी नही है। अगर ऐसा हो रहा है तो उसे दिखवाया जायेगा

